2016 से 2019 के बीच महंगे और चिकित्सकीय रूप से अनावश्यक जेनेटिक टेस्ट के नाम पर मेडिकेयर से कथित तौर पर ₹4,704 करोड़ से अधिक की फर्जी बिलिंग का आरोप; तीन वर्षों तक फरार रहने के बाद मध्य पूर्व से गिरफ्तारी, फर्जी मैक्सिकन पासपोर्ट भी बरामद।

₹4,704 करोड़ के मेडिकेयर धोखाधड़ी मामले में FBI की बड़ी सफलता, ‘मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची का भगोड़ा खालिद सटारी गिरफ्तार

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By Roopa
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नई दिल्ली: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने अपने ‘Most Wanted Fraudsters’ अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 54 वर्षीय खालिद अहमद सटारी को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, सटारी पर वर्ष 2016 से 2019 के बीच अमेरिकी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम Medicare से $547 मिलियन (लगभग ₹4,704 करोड़) की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। तीन वर्षों से अधिक समय तक फरार रहने के बाद उसे सोमवार को मध्य पूर्व में अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय उसके पास एक फर्जी नाम से जारी कथित मैक्सिकन पासपोर्ट भी मिला।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सटारी के खिलाफ वर्ष 2019 में अमेरिका के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ लुइज़ियाना की संघीय अदालत में अभियोग दायर किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने महंगे और चिकित्सकीय रूप से अनावश्यक जेनेटिक परीक्षणों (Genetic Tests) के नाम पर मेडिकेयर को बड़े पैमाने पर फर्जी बिल भेजे। इन परीक्षणों के लिए मेडिकेयर से प्रति परीक्षण $20,000 (लगभग ₹17.2 लाख) तक का भुगतान प्राप्त किया जाता था।

जांच में आरोप है कि सटारी ने दर्जनों पेशेंट रिक्रूटर्स, टेलीमार्केटिंग कॉल सेंटरों और टेलीमेडिसिन कंपनियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया। कथित तौर पर भ्रामक प्रचार अभियानों, अवैध कमीशन (Kickbacks) और रिश्वत के जरिए मरीजों के नाम पर अनावश्यक जेनेटिक परीक्षण कराए गए और उनके आधार पर मेडिकेयर से भुगतान प्राप्त किया गया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस पूरी साजिश के दौरान डॉक्टरों और मरीजों को लाने वाले एजेंटों को करोड़ों रुपये के बराबर अवैध भुगतान भी किए गए।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अभियोग दायर होने के बाद सटारी को जमानत मिली थी, जिसकी एक प्रमुख शर्त यह थी कि वह चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल नहीं होगा। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसने टेक्सास के ह्यूस्टन स्थित प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर मेडिकेयर को कथित फर्जी जेनेटिक टेस्ट दावों का सिलसिला जारी रखा।

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वर्ष 2022 में अदालत में पेश नहीं होने पर सटारी के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इसके बाद वह कथित रूप से अमेरिका छोड़कर फरार हो गया। जांच एजेंसियों ने कई देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से उसकी तलाश जारी रखी। अंततः सोमवार को मध्य पूर्व में क्षेत्रीय साझेदार एजेंसियों की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय उसके पास फर्जी पहचान वाला मैक्सिकन पासपोर्ट भी मिला। बाद में उसे अमेरिका लाया गया, जहां उसने ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वर्जीनिया की संघीय अदालत में पहली बार पेशी दी।

सटारी के खिलाफ स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी (Health Care Fraud), वायर फ्रॉड, संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ साजिश, अवैध हेल्थकेयर किकबैक और रिश्वत, तथा मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यदि इन आरोपों में दोष सिद्ध होता है, तो उसे विभिन्न धाराओं के तहत कई वर्षों तक कारावास की सजा हो सकती है। कुछ आरोपों में अधिकतम 20 वर्ष, जबकि अन्य में 10 वर्ष और 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

FBI निदेशक काश पटेल ने कहा कि ‘Most Wanted Fraudsters’ पहल शुरू होने के बाद केवल पांच सप्ताह में यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। उन्होंने कहा कि सटारी ने समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए बनाए गए मेडिकेयर कार्यक्रम का कथित दुरुपयोग किया और भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां कथित धोखाधड़ी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, वित्तीय लेनदेन तथा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।

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