गोरखपुर। खुद को आईएएस अधिकारी बताकर कई युवतियों से शादी करने और लाखों रुपये की ठगी करने वाले प्रीतम कुमार निषाद का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इटावा निवासी आरोपी ने अब तक करीब 25 शादियां कर लोगों को निशाना बनाया है। ताजा मामला गोरखपुर का है, जहां एक परिवार से शादी के नाम पर ₹30 लाख से अधिक खर्च करा दिए गए और ₹15 लाख नकद लेकर आरोपी फरार हो गया।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी ने खुद को 32 वर्षीय आईएएस अधिकारी बताते हुए मणिकपुर में एसडीएम के पद पर तैनात होने का दावा किया था। उसने यह भी कहा कि वह दहेज नहीं लेगा, जिससे परिवार का भरोसा और मजबूत हो गया। दिसंबर 2025 में वह पहली बार गोरखपुर आया और लड़की को पसंद करने के बाद शादी के लिए हामी भर दी।
परिवार के लोग आरोपी के बताए पते पर इटावा भी गए, जहां उसने लुधियात मोहल्ले में एक मकान दिखाया और खुद को गांव का पहला आईएएस अधिकारी बताया। उसके व्यवहार और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर परिवार ने 11 मार्च 2026 को शादी की तारीख तय कर दी।
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शादी से चार दिन पहले, 7 मार्च को आरोपी एक बार फिर गोरखपुर पहुंचा। इस बार वह एक कार से आया, जिस पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। साथ में एक व्यक्ति को अपना निजी सहायक (पीए) बताकर लाया, जिससे उसका रुतबा और बढ़ गया। उसने घर पहुंचकर शादी का कार्ड दिया और कहा कि शहर के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी निमंत्रण देना है।
इसी दौरान उसने शादी की तैयारियों के नाम पर परिवार से ₹15 लाख रुपये ले लिए। परिवार ने शादी की तैयारियों में कुल मिलाकर ₹30 लाख से अधिक खर्च कर दिए। लेकिन शादी से ठीक पहले जब कुछ बातों पर शक हुआ, तो परिजन सच्चाई जानने इटावा पहुंचे।
गांव में पूछताछ के दौरान जो जानकारी सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी पहले भी कई युवतियों से शादी कर चुका है और इसी तरह ठगी करता रहा है। यहां तक कि उसके खिलाफ पहले से ही दो युवतियों द्वारा मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं।
सच्चाई सामने आने के बाद पीड़ित परिवार तुरंत अपनी बेटी को वापस गोरखपुर ले आया। हालांकि तब तक आरोपी फरार हो चुका था। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पीड़ित लड़की के पिता, जो पैरालाइज्ड हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी छोटी बेटी की शादी के लिए काफी उम्मीदों के साथ रिश्ता तय किया था, लेकिन आरोपी ने उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी को निशाना बना लिया।
परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी है, जबकि यह तीसरी बेटी की शादी थी। बड़ी बेटी ने ही दिल्ली में एक सामाजिक समूह के जरिए आरोपी का प्रोफाइल देखा था, जिसके बाद बातचीत शुरू हुई थी।
मामले के सामने आने के बाद अब आरोपी की तलाश की जा रही है। पीड़ित परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि इस तरह के ठगों पर लगाम लग सके और अन्य परिवार इस तरह के जाल में फंसने से बच सकें।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि फर्जी पहचान और सरकारी पद का झूठा दावा कर किस तरह लोगों को भावनात्मक और आर्थिक रूप से ठगा जा रहा है। ऐसे मामलों में सतर्कता और पूरी जांच के बाद ही किसी रिश्ते को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
