ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (EU) के सांसदों ने बुधवार को उन एआई ऐप्स पर रोक लगाने का समर्थन किया जो अनधिकृत यौन चित्र या डिपफेक्स उत्पन्न करती हैं। यह प्रस्ताव यूरोप के AI अधिनियम में बदलावों को आकार देने के प्रयासों के तहत पेश किया गया है और संसद के आगामी सत्र में 26 मार्च को वोटिंग होगी।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य न केवल तकनीकी निगरानी को सुदृढ़ करना है, बल्कि AI एप्लिकेशन्स के सामाजिक और नैतिक प्रभावों को नियंत्रित करना भी है। सांसदों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार, EU देशों द्वारा हाल ही में लागू Child Sexual Abuse Content रोक के समान, इस कदम से AI आधारित यौन सामग्री पर स्पष्ट नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।
संसद के प्रमुख वार्ता नेता माइकल मैकमारा ने कहा, “यह प्रतिबंध नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप है। न्यूडिफिकेशन ऐप्स जैसी सेवाओं पर नियम लागू करना आज की जरूरत है। वोटिंग के बाद ही हमें पता चलेगा कि प्रस्ताव कितनी व्यापक सहमति से पास होगा।”
हाल के विवादित घटनाक्रम, जिसमें Elon Musk के xAI चैटबोट Grok द्वारा X प्लेटफ़ॉर्म पर यौन सामग्री उत्पन्न करना और गहरे इंटिमेट डिपफेक्स शामिल थे, ने यूरोप और एशिया में सरकारों और नियामक संस्थाओं की जांच को जन्म दिया। इन घटनाओं ने दिखाया कि अनियंत्रित AI एप्लिकेशन्स सामाजिक और नैतिक जोखिम पैदा कर सकते हैं।
सांसदों ने हाई‑रिस्क AI सिस्टम्स पर लागू कुछ नियमों को अगले वर्ष 2 दिसंबर तक स्थगित करने का समर्थन भी किया। उनका कहना है कि अगस्त 2 तक मानक पूर्ण नहीं होंगे, जिससे कंपनियों के लिए अनिश्चितता पैदा हो सकती है। EU देशों ने भी इस स्थगन के पक्ष में रुख अपनाया है, ताकि नियमों का व्यावहारिक और स्पष्ट क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
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विशेषज्ञों का कहना है कि AI Act का चरणबद्ध कार्यान्वयन इस क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। पहले जोखिम आकलन और नियंत्रण मानक तय किए जाएंगे, उसके बाद उच्च-जोखिम एप्लिकेशन्स पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। इससे संभावित दुरुपयोग, गोपनीयता उल्लंघन और सामाजिक हानि को रोका जा सकेगा।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रस्ताव यूरोपीय संघ को वैश्विक तकनीकी मंच पर नैतिक उदाहरण स्थापित करने का अवसर देता है। इसके अलावा, यह कंपनियों और AI डेवलपर्स को अपनी सेवाओं में जवाबदेही बनाए रखने के लिए मजबूर करेगा।
यूरोपीय संसद के प्रस्ताव और आगामी वोटिंग के बाद, सांसदों और EU सरकारों को आपस में बातचीत कर संशोधनों पर सहमति बनानी होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य AI अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है, ताकि तकनीकी नवाचार और नागरिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अनियंत्रित AI एप्लिकेशन्स पर प्रभावी नियंत्रण न होने से समाज में नैतिक और कानूनी चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। इस प्रस्ताव से यह संकेत मिलेगा कि यूरोपीय संघ AI सुरक्षा, गोपनीयता और नैतिकता को प्राथमिकता देता है।
इस कदम से न केवल नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि AI टेक्नोलॉजी के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग की दिशा में यूरोप एक स्पष्ट संदेश देगा। आने वाले महीनों में EU सरकारों और तकनीकी उद्योग के साथ विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिससे AI Act के सुधार और अनुपालन को मजबूत किया जा सके।
