रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 60% नीचे आया शेयर, आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट की निजी कुंजियों से जुड़ा सुरक्षा मामला सामने आने के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की जांच और सुधारात्मक कदमों पर

ई-मुद्रा के शेयर में ऐतिहासिक गिरावट, 20% टूटकर ₹432 पर पहुंचा भाव; साइबर सुरक्षा संकट से बढ़ी चिंता

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली। भारतीय डिजिटल सर्टिफिकेट और साइबर सुरक्षा क्षेत्र की कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) के शेयर में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत टूटकर ₹432 पर आ गया और उस पर लोअर सर्किट लग गया। यह शेयर की लिस्टिंग के बाद एक कारोबारी दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है। कंपनी के आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट की निजी क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों से जुड़ी सुरक्षा घटना सामने आने के बीच शेयर में आई इस गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। दिसंबर 2024 में ₹1,024 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचने वाला शेयर अब उस स्तर से करीब 58 प्रतिशत नीचे आ चुका है।

ई-मुद्रा दस्तावेजों के डिजिटल प्रमाणीकरण, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, पहचान सत्यापन और डेटा सुरक्षा से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती है। ऐसे में कंपनी के डिजिटल प्रमाणन ढांचे से जुड़ी सुरक्षा घटना का महत्व केवल उसके कारोबारी प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। हालांकि, शेयर में आई गिरावट और सुरक्षा घटना के बीच सीधा कारणात्मक संबंध स्थापित करने के लिए उपलब्ध जानकारी पर्याप्त नहीं है।

आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की निजी कुंजियों से जुड़ा मामला

सुरक्षा शोधकर्ता ने 17 अक्टूबर 2026 को ई-मुद्रा के आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की निजी कुंजियों से जुड़ी समस्या की सूचना मोजिला को दी थी। इनमें छह सर्टिफिकेट वेबसाइटों के सुरक्षित HTTPS कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले TLS प्रमाणपत्रों से संबंधित थे, जबकि दो सॉफ्टवेयर की पहचान सत्यापित करने के लिए कोड साइनिंग में इस्तेमाल होते थे।

निजी क्रिप्टोग्राफिक कुंजी डिजिटल सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करने का महत्वपूर्ण साधन होती है। यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति को ऐसी कुंजी मिल जाए, तो वह संबंधित प्रमाणन प्राधिकरण की पहचान का दुरुपयोग कर सकता है। इस मामले में आशंका थी कि प्रभावित कुंजियों के जरिए विभिन्न वेबसाइटों के लिए फर्जी HTTPS सर्टिफिकेट बनाए जा सकते थे। इससे बैंकिंग, ईमेल और सरकारी पोर्टल की पहचान की नकल करने का खतरा पैदा हो सकता था।

हालांकि, अब तक इन कुंजियों के आधार पर जारी किए गए किसी फर्जी सार्वजनिक TLS सर्टिफिकेट का प्रमाण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि निजी कुंजियां किस तरह प्रभावित हुईं। कुछ सुरक्षा रिपोर्टों में उनके कमजोर होने की आशंका जताई गई, जबकि अन्य में उनके चोरी होने की संभावना व्यक्त की गई है। घटना के मूल कारण की पुष्टि अभी बाकी है।

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मोजिला, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट ने उठाए कदम

घटना सामने आने के बाद प्रमुख ब्राउजर और तकनीकी कंपनियों ने प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक करने के लिए कदम उठाए। मोजिला ने अपने फायरफॉक्स ब्राउजर में OneCRL प्रणाली के जरिए इन्हें ब्लॉक किया। यह प्रणाली निरस्त किए गए सर्टिफिकेट की केंद्रीय सूची उपलब्ध कराती है।

गूगल क्रोम ने भी अपने सुरक्षा तंत्र के माध्यम से प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक किया। एप्पल ने 19 अक्टूबर और माइक्रोसॉफ्ट ने 20 अक्टूबर को अपने भरोसेमंद सर्टिफिकेट सिस्टम में आवश्यक बदलाव किए। इसके अतिरिक्त, सॉफ्टवेयर विकास से जुड़ी कुछ प्रणालियों में भी सुरक्षा सुधार जारी किए गए।

गो प्रोग्रामिंग भाषा के रखरखावकर्ताओं ने प्रभावित आठ कुंजियों को सीधे ब्लॉक करने का फैसला किया। संबंधित सुरक्षा सुधार गो के संस्करण 1.27.3 और 1.26.10 में शामिल किए गए। इन संस्करणों पर अपडेट करने के बाद संबंधित प्रोग्राम को दोबारा तैयार करना भी जरूरी है। पायथन के Certifi और रस्ट के webpki-roots जैसे सॉफ्टवेयर घटकों के लिए भी सुधार जारी किए गए।

ई-मुद्रा ने शुरू की जांच, रूट सर्टिफिकेट पर भी दी सफाई

ई-मुद्रा ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित बयान में कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उसने इससे निपटने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। कंपनी ने प्रभावित सर्टिफिकेट से जुड़े जोखिम को सीमित करने के लिए कदम उठाए और ब्राउजर तथा रूट-सर्टिफिकेट स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों के साथ समन्वय शुरू किया।

कंपनी के अनुसार, अप्रैल 2025 में आयोजित कुंजी निर्माण प्रक्रिया से जुड़े आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट ही इस घटना के दायरे में हैं। ई-मुद्रा ने दावा किया कि उसकी रूट अथॉरिटी की निजी कुंजियां प्रभावित नहीं हुई हैं और अन्य इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट भी सुरक्षित हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रभावित सर्टिफिकेट से किसी वेबसाइट या अंतिम उपयोगकर्ता के लिए सार्वजनिक सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि मोजिला के साथ उसके रूट सर्टिफिकेट CA C1 और C3 को हटाने की प्रक्रिया पहले से निर्धारित योजना के तहत स्वेच्छा से की जा रही थी। उसके अनुसार, यह प्रक्रिया मौजूदा सुरक्षा घटना से संबंधित नहीं है। कंपनी ने कहा है कि वह घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच करने के साथ अपने सुरक्षा नियंत्रणों और परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 60% नीचे शेयर

बुधवार को ₹432 पर पहुंचने के बाद ई-मुद्रा का शेयर दिसंबर 2024 के ₹1,024 के रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 58 प्रतिशत नीचे आ गया। 20 प्रतिशत की गिरावट के बाद लोअर सर्किट लगने से उस कारोबारी सत्र में शेयर की कीमत में आगे गिरावट की गुंजाइश सीमित हो गई।

फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी की जांच के निष्कर्षों, सुरक्षा व्यवस्था में किए जाने वाले सुधारों और भविष्य में सामने आने वाली जानकारी पर रहेगी। डिजिटल प्रमाणन कारोबार में भरोसा एक महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इस घटना के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन करने के लिए जांच के निष्कर्ष और कंपनी की ओर से उठाए गए सुधारात्मक कदम महत्वपूर्ण होंगे। हालांकि, शेयर की भविष्य की दिशा केवल इस घटना से तय होगी, ऐसा मानना उचित नहीं होगा; इसके लिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबारी संभावनाओं और बाजार की व्यापक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा।

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