ECI की बड़ी कार्रवाई—कैश, ड्रग्स और कीमती सामान पर शिकंजा; 70,000 से ज्यादा शिकायतों का तेज निपटारा

चुनाव से पहले सख्ती: ₹408 करोड़ की अवैध नकदी, शराब और फ्रीबीज जब्त

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: चुनावी राज्यों में आचार संहिता लागू होने के बीच अवैध प्रलोभनों पर शिकंजा कसते हुए Election Commission of India (ECI) ने देशभर में अब तक ₹408.82 करोड़ से अधिक की नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य फ्रीबीज जब्त किए हैं। आयोग की यह कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से तेज की गई निगरानी का हिस्सा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जब्त की गई रकम में ₹17.44 करोड़ नकद, ₹37.68 करोड़ की शराब (करीब 16.3 लाख लीटर), और ₹167.38 करोड़ के मादक पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा ₹23 करोड़ के कीमती धातु और ₹163.30 करोड़ से अधिक के अन्य प्रलोभन सामग्री भी बरामद की गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां चल रही थीं, जिन पर अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, यह सफलता विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कई एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का नतीजा है। 26 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS) के सक्रिय होने के बाद से 25 मार्च तक की गई कार्रवाई में यह बड़ी जब्ती दर्ज की गई है। इस सिस्टम के जरिए रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग संभव हो पाई है, जिससे कार्रवाई की गति और प्रभावशीलता दोनों में सुधार हुआ है।

इसी के साथ आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सख्ती के बावजूद आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच और चेकिंग के दौरान कानून का पालन करने वाले लोगों के साथ संवेदनशीलता और सावधानी बरती जाए। जनता की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां भी गठित की गई हैं, ताकि किसी भी तरह की परेशानी का त्वरित समाधान किया जा सके।

चुनावी नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के लिए आयोग ने C-Vigil ऐप के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। 15 मार्च से 25 मार्च के बीच चुनावी राज्यों में इस ऐप के जरिए कुल 70,944 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 70,831 का निपटारा किया जा चुका है। इनमें से लगभग 95.8 प्रतिशत मामलों को 100 मिनट के भीतर सुलझा लिया गया, जो त्वरित कार्रवाई का संकेत है।

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इसके अलावा, नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए 1950 हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से वे सीधे जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और अधिक सुलभ और पारदर्शी हो गई है।

आयोग ने हाल ही में मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी की, जिसमें चुनाव की तैयारियों, एजेंसियों के बीच समन्वय और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई।

जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत करने के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड और 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रही हैं, वाहनों की जांच कर रही हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं।

चुनाव आयोग की यह व्यापक कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि इस बार चुनावों में किसी भी तरह के प्रलोभन या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तकनीक और सख्त निगरानी का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है।

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