डूंगरपुर में लुटेरी दुल्हन गिरोह का खुलासा; महाराष्ट्र से पकड़े गए आरोपी, युवतियों को पैसे देकर शादी के लिए तैयार करता था दलाल और फिर निशाना बनते थे शादी के इच्छुक युवक

शादी के नाम पर ₹8 लाख की ठगी, शादी के कुछ दिन बाद गहने लेकर फरार हुई दुल्हन; दलाल समेत दो गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में शादी के नाम पर कथित ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सागवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आए मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र से एक महिला और शादी कराने वाले कथित दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक परिवार से बेटे की शादी कराने के नाम पर ₹3.50 लाख लिए और शादी के कुछ दिन बाद दुल्हन बीमारी का बहाना बनाकर घर से चली गई। बाद में वह वापस नहीं लौटी। शादी में दिए गए गहने, कपड़े और अन्य खर्च को जोड़ने पर परिवार को करीब ₹8 लाख का नुकसान होने का दावा किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अश्विनी, निवासी महाराष्ट्र, और संदीप मातरे, निवासी नागपुर जिले के आरौली, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, संदीप कथित तौर पर शादी कराने वाले दलाल की भूमिका निभाता था, जबकि अश्विनी को शादी के लिए तैयार किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से और कितने परिवारों को निशाना बनाया है।

बेटे की शादी के लिए परिवार ने दिया था ₹3.50 लाख

मामले की शिकायत खड़गदा गांव निवासी हकरजी पाटीदार ने 21 जुलाई को सागवाड़ा थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनके बेटे किशोर की शादी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान महाराष्ट्र निवासी संदीप मातरे ने परिवार से संपर्क किया और शादी कराने का भरोसा दिया।

आरोप है कि शादी तय कराने के बदले परिवार से ₹3.50 लाख लिए गए। इसके बाद संदीप महाराष्ट्र की रहने वाली अश्विनी को लेकर आया और किशोर के साथ उसकी शादी करा दी गई। परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद नई जिंदगी सामान्य तरीके से चलेगी, लेकिन कुछ ही दिनों में कथित तौर पर पूरा मामला बदल गया।

बीमारी का बहाना बनाकर मायके गई, फिर नहीं लौटी

शादी के कुछ दिन बाद अश्विनी ने बीमारी का हवाला दिया और अपने मायके जाने की बात कही। वह महाराष्ट्र चली गई। कुछ समय बाद जब परिवार ने उसे वापस लाने की कोशिश की तो उसने लौटने से इनकार कर दिया।

पीड़ित परिवार जब महाराष्ट्र पहुंचा तो कथित तौर पर अश्विनी अपने घर पर भी नहीं मिली। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि वह योजनाबद्ध तरीके से शादी के बाद वहां से चली गई। परिवार के अनुसार, शादी कराने के लिए दी गई रकम के अलावा गहने, कपड़े और शादी की अन्य व्यवस्थाओं पर भी काफी पैसा खर्च हुआ था। इन सभी को मिलाकर आर्थिक नुकसान करीब ₹8 लाख बताया गया।

युवतियों को पैसे का लालच देकर शादी के लिए तैयार करने का आरोप

पुलिस जांच में कथित तौर पर गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। जांच के अनुसार, संदीप ऐसी युवतियों से संपर्क करता था जिन्हें पैसे की जरूरत होती थी और उन्हें शादी करने के लिए तैयार करता था। इसके बाद वह ऐसे परिवारों की तलाश करता था जहां युवक की शादी नहीं हो पा रही हो।

आरोप है कि शादी कराने के नाम पर परिवार से मोटी रकम ली जाती थी। शादी के बाद दुल्हन कुछ समय तक ससुराल में रहती और उचित मौका मिलने पर रुपये तथा गहने लेकर वापस चली जाती थी। इसके बाद वह परिवार के संपर्क से बाहर हो जाती थी।

तकनीकी जांच के बाद महाराष्ट्र में दबिश

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी और साइबर माध्यमों से उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकाने का पता लगाने के बाद पुलिस टीम ने महाराष्ट्र में दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान अश्विनी और संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से शादी के नाम पर लोगों से ठगी की गई है।

कई और पीड़ितों की तलाश में पुलिस

जांच एजेंसी अब आरोपियों के संपर्कों, पैसों के लेनदेन और कथित शादी के सौदों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अश्विनी और संदीप के अलावा इस नेटवर्क में अन्य युवतियां या बिचौलिए भी शामिल थे या नहीं।

मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की कार्यवाही के दौरान होगी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस कथित गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।

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