महिला बनकर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया, फिर पुलिस और सरकारी अधिकारी बन धमकाकर वसूले लाखों रुपये; म्यूल खातों के जरिए रकम निकालने का आरोप

WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए ₹5.80 लाख की सेक्सटॉर्शन ठगी, दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए

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By Roopa
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए अंजाम दिए गए सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को सोशल मीडिया मित्र बनकर वीडियो कॉल किया, उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में पुलिस, सोशल मीडिया अधिकारी तथा सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर उसे कानूनी कार्रवाई और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। लगातार डर और दबाव बनाकर पीड़ित से करीब ₹5.80 लाख विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए गए।

पुलिस के अनुसार, मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के साइबर पुलिस थाने में दर्ज ई-एफआईआर के आधार पर सामने आया। शिकायतकर्ता के.एल. त्रिपाठी ने बताया कि 6 मई को उन्हें एक अज्ञात महिला की ओर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल प्राप्त हुई। महिला ने स्वयं को उनके सोशल मीडिया संपर्कों में से एक बताकर विश्वास हासिल किया और बातचीत के दौरान उन्हें कपड़े उतारने के लिए उकसाया। इस दौरान उनका अश्लील वीडियो गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया गया।

इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आने लगे। कॉल करने वाले स्वयं को पुलिस अधिकारी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी बताते हुए वीडियो सार्वजनिक करने, कानूनी कार्रवाई करने और गिरफ्तारी कराने की धमकी देते रहे। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित ने कई किश्तों में कुल ₹5.80 लाख आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड पर भेज दिए।

बाद में जब पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उसने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी की रकम का एक हिस्सा जिन बैंक खातों में पहुंचा था, उनका पता लगाया गया और उन खातों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।

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पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजेश (18), कुणाल (22) और इमरान (23) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि राजेश और कुणाल के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था, जबकि इमरान कथित तौर पर एटीएम के माध्यम से रकम निकालने में शामिल था। पुलिस ने इमरान के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से खुलासा किया कि वे राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित सेक्सटॉर्शन गिरोह से जुड़े लोगों के संपर्क में थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मामले का रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

एल्गोरिथा सिक्योरिटी के एक शोधकर्ता के अनुसार, सेक्सटॉर्शन गिरोह अक्सर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को वीडियो कॉल के लिए उकसाते हैं। निजी या आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद अपराधी उसे वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के दबाव में आकर भुगतान करने के बजाय तुरंत कॉल समाप्त करनी चाहिए, साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति की वीडियो कॉल स्वीकार करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से निजी बातचीत या आपत्तिजनक गतिविधियों से बचें। यदि कोई व्यक्ति वीडियो या फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो घबराने के बजाय तुरंत पुलिस और साइबर अपराध प्रकोष्ठ से संपर्क करें। मामले की जांच जारी है।

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