नई दिल्ली: राजधानी में अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ रोहिणी जिला पुलिस ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह’ चलाकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान चोरी के 161 दोपहिया वाहन, 686 ग्राम हेरोइन, एक ब्राजील निर्मित अत्याधुनिक पिस्टल, छह अवैध कट्टे, 15 कारतूस और नौ चाकू बरामद किए गए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके कथित आपराधिक नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य रोहिणी जिले में सक्रिय वाहन चोरी, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े अपराधियों पर एक साथ कार्रवाई करना था। इसके लिए संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक मामलों में शामिल लोगों की जानकारी जुटाकर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई में सबसे बड़ी बरामदगी चोरी के वाहनों की रही। पुलिस ने 161 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन वाहनों के इंजन और चेसिस नंबरों के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों और चोरी से जुड़े मामलों का मिलान कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वाहनों को चोरी करने, छिपाने और आगे बेचने में कितने लोग शामिल थे।
वाहन चोरी के साथ-साथ नशा तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 686 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। बरामद मादक पदार्थ के स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीले पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और इसे दिल्ली में किन इलाकों में पहुंचाया जाना था।
अभियान के दौरान अवैध हथियार भी बरामद हुए। पुलिस ने एक ब्राजील निर्मित पिस्टल के अलावा छह कट्टे और 15 कारतूस जब्त किए हैं। इसके साथ नौ धारदार चाकू भी बरामद किए गए। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में किया गया था या इन्हें किसी संभावित अपराध के लिए रखा गया था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों और आरोपियों की पिछली गतिविधियों का मिलान कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि गिरफ्तार किए गए लोगों का वाहन चोरी, नशा तस्करी या अवैध हथियारों से जुड़े किसी पुराने नेटवर्क से संबंध रहा है या नहीं।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और डिजिटल लेनदेन से संभावित सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। खासकर चोरी के 161 वाहनों की बरामदगी को देखते हुए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनके लिए खरीदारों और बिक्री का नेटवर्क कितना बड़ा था।
पुलिस के मुताबिक, अभियान के तहत हुई कार्रवाई के बाद संबंधित धाराओं में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद हेरोइन और हथियारों की सप्लाई में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं।
‘ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह’ के तहत हुई कार्रवाई में एक साथ बड़ी संख्या में चोरी के वाहन, मादक पदार्थ और हथियार बरामद होने से पुलिस अब मामले की कड़ियों को अलग-अलग स्तर पर जोड़ रही है। अधिकारियों का फोकस केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों, सप्लायरों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की पहचान पर भी है। जांच आगे बढ़ने के साथ और बरामदगी या गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
