सोशल मीडिया विज्ञापन से महिला को ‘Funds Invest’ टेलीग्राम समूह में जोड़ा, शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर ₹5.50 लाख ट्रांसफर कराए; आरोपियों से 86 डेबिट कार्ड, 28 चेकबुक और तीन लैपटॉप भी मिले

मोबाइल चोरी से बैंक खाते खाली करने तक का खेल, दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के 9 आरोपी दबोचे

Roopa
By Roopa
6 Min Read

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी और साइबर धोखाधड़ी को जोड़कर वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क दो चरणों में काम करता था। पहले चरण में मोबाइल फोन चोरी किए जाते थे और दूसरे चरण में उन्हीं उपकरणों से जुड़े बैंक खातों और डिजिटल वित्तीय सेवाओं को निशाना बनाकर रकम निकालने की कोशिश की जाती थी। कार्रवाई के दौरान हुई महत्वपूर्ण बरामदगी से जांच एजेंसियों को गिरोह के नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके की आगे की पड़ताल में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पारंपरिक अपराध और डिजिटल तकनीक के मेल से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। मोबाइल फोन चोरी करने के बाद उन्हें केवल दोबारा बेचने तक सीमित नहीं रखा जाता था, बल्कि उनसे जुड़े डिजिटल संसाधनों और बैंकिंग गतिविधियों का इस्तेमाल आर्थिक अपराध के लिए किए जाने की आशंका है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और उनसे जुड़े बैंक खातों या अन्य डिजिटल माध्यमों तक गिरोह किस तरह पहुंच बनाता था।

इस कार्रवाई को संगठित साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली के अलावा किन राज्यों और शहरों तक फैला हुआ था। बरामद मोबाइल फोन और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्य जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

पार्सल में डॉलर और सोना बताकर ₹1.46 लाख ठगे

इसी अभियान के तहत 7 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने एक अन्य अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनमें नाइजीरिया का एक नागरिक भी शामिल बताया गया है। यह गिरोह कथित तौर पर पहचान बदलकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक पीड़ित से संपर्क कर दावा किया कि उसके नाम पर अमेरिका से एक पार्सल भारत पहुंचा है। इसमें अमेरिकी डॉलर और सोना होने की बात कही गई। इसके बाद आरोपियों ने खुद को कस्टम विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के रूप में पेश किया और पार्सल छुड़ाने के लिए कस्टम शुल्क तथा दूसरे शुल्कों के नाम पर रकम की मांग की।

पीड़ित आरोपियों के झांसे में आ गया और अलग-अलग भुगतान के जरिए करीब ₹1.46 लाख गंवा बैठा। जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई। इसके बाद जांच के आधार पर दिल्ली के साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में समन्वित छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

जांच में अब इन उपकरणों की डिजिटल फोरेंसिक जांच कराई जा सकती है, ताकि आरोपियों के संपर्क, बैंकिंग लेनदेन, चैट, कॉल रिकॉर्ड और संभावित पीड़ितों से जुड़ी जानकारी सामने आ सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे थे।

डिजिटल लेनदेन में बढ़ते जोखिम पर जोर

मोबाइल चोरी और साइबर ठगी के इस गठजोड़ ने डिजिटल बैंकिंग से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को भी सामने ला दिया है। चोरी हुए मोबाइल फोन में यदि बैंकिंग एप, ईमेल, डिजिटल भुगतान या अन्य संवेदनशील जानकारी उपलब्ध हो, तो अपराधियों के लिए वित्तीय धोखाधड़ी का रास्ता खुल सकता है। ऐसे मामलों में फोन खोने के तुरंत बाद बैंकिंग सेवाओं, सिम और संबंधित खातों को सुरक्षित करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

डिजिटल लेनदेन से जुड़ी धोखाधड़ी को लेकर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी हाल में साइबर सुरक्षा मजबूत करने और फॉरेंसिक सहायता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया था। 8 अगस्त को मुंबई में आयोजित ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम में उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों की लगातार साइबर निगरानी के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने की घोषणा की थी। उन्होंने डिजिटल लेनदेन में बढ़ती धोखाधड़ी के बीच बैंकिंग सुरक्षा के लिए फोरेंसिक विज्ञान और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया था।

दिल्ली पुलिस की मौजूदा कार्रवाई में गिरफ्तारियों और बरामद उपकरणों के आधार पर अब गिरोह की पूरी संरचना, संभावित पीड़ितों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और ठगी के मामलों के सामने आने की संभावना है।

हमसे जुड़ें

Share This Article