Shinyhunters हैकर्स द्वारा डार्क वेब पर Odido ग्राहकों के बैंक खाते और निजी डेटा लीक।

डार्क वेब पर लाखों ग्राहकों का डेटा लीक: Odido हैकर्स ने बैंक खाते और निजी जानकारी जारी की

Team The420
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एम्स्टर्डम। टेलीकॉम कंपनी Odido के ग्राहक सेवा डेटाबेस पर हुए बड़े साइबर हमले के बाद हैकर समूह ने चोरी किया गया डेटा डार्क वेब पर सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। यह जानकारी स्थानीय प्रसारक RTL की रिपोर्ट में सामने आई है। साइबर अपराधी समूह Shinyhunters ने कंपनी से फिरौती मांगने की कोशिश की थी, लेकिन Odido ने भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद डेटा लीक की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

6.2 मिलियन ग्राहकों का डेटा चोरी: नाम, बैंक खाते और फोन नंबर लीक

कंपनी के अनुसार साइबर हमले में लगभग 6.2 मिलियन ग्राहकों का डेटा चोरी हुआ था, हालांकि हैकर समूह का दावा है कि इस हमले से 10 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। डार्क वेब पर जारी किए गए पहले चरण के डेटा में करीब 430,000 व्यक्तियों और 290,000 कंपनियों से जुड़ी निजी जानकारी शामिल बताई गई है। लीक किए गए रिकॉर्ड में नाम, पता, फोन नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते से जुड़े विवरण भी शामिल हैं।

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275,000 बैंक खाते सार्वजनिक: फ्रॉड और पहचान चोरी का खतरा

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हैकरों ने लगभग 275,000 बैंक खाते नंबर सार्वजनिक किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी नेटवर्क वित्तीय धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बैंकिंग जानकारी का इस तरह सार्वजनिक होना ऑनलाइन फ्रॉड और पहचान चोरी के खतरे को बढ़ा सकता है। लीक किए गए डेटा में ग्राहक सेवा कर्मचारियों की टिप्पणियां भी शामिल हैं, जिनमें कुछ मामलों में ग्राहकों की वित्तीय स्थिति, बकाया बिल और व्यवहार संबंधी नोट्स दर्ज थे।

चिंताजनक पहलू यह है कि डेटाबेस में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और कुछ ग्राहकों की मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड भी संग्रहित पाए गए। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह डेटा मूल रूप से ग्राहक सेवा प्रणाली में दर्ज किया गया था, लेकिन साइबर हमले के बाद इसे अनधिकृत रूप से हासिल कर सार्वजनिक कर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग सामाजिक और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

Odido की प्रतिक्रिया और आगे की धमकी: साइबर सुरक्षा चुनौतियाँ

Odido ने कहा है कि वह साइबर सुरक्षा सलाहकारों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि वह हैकर समूहों के सामने झुकने या ब्लैकमेल स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। एक आधिकारिक बयान में Odido ने कहा कि अपराधियों से बातचीत नहीं की जाएगी और कानूनी तथा तकनीकी स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल ग्राहकों के लिए यह पता लगाने का कोई कानूनी तरीका उपलब्ध नहीं है कि उनका व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर जारी किया गया है या नहीं। इससे प्रभावित संभावित ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि लीक किए गए डेटा का उपयोग विभिन्न प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा सकता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में ग्राहकों को अपने बैंक खातों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी चाहिए और संदिग्ध लेनदेन की तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए।

हैकर समूह ने धमकी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो अगले 16 दिनों में और डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है। यह चेतावनी साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। सरकार और संबंधित सुरक्षा सलाहकार इस मामले की जांच कर रहे हैं और संभावित जोखिम को कम करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।

डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से जटिल रूप ले रहा है, जिससे टेलीकॉम और वित्तीय कंपनियों के लिए सुरक्षा चुनौती बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत एन्क्रिप्शन, नियमित सुरक्षा ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए आवश्यक कदम होंगे। फिलहाल जांच एजेंसियां इस साइबर हमले के तकनीकी और आपराधिक पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।

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