चंडीगढ़: चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े और संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी अपने बैंक अकाउंट्स को म्यूल अकाउंट्स के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अज्ञात शातिरों को उपलब्ध कराते थे। इन अकाउंट्स के माध्यम से अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चंडीगढ़ साइबर क्राइम स्टेशन में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनकी तारीख 5 अप्रैल है। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई SP साइबर गीताांजलि खंडेलवाल के निर्देशन में और वरिष्ठ साइबर क्राइम अधिकारियों की निगरानी में की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है:
- मनोज कुमार (49), निवासी सेक्टर 47, चंडीगढ़
- जय किशन सिंह (24), निवासी सेक्टर 52, चंडीगढ़
- मुबारक अली (54), निवासी मुल्लनपुर गरीबदास, पंजाब
- पियूष पांडे (32), निवासी सरंगपुर, चंडीगढ़
पुलिस ने बताया कि ये सभी अपने अकाउंट्स को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने की एवज में अज्ञात व्यक्तियों से कमीशन या तयशुदा रकम लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके अकाउंट्स में बड़ी रकम जमा होती और बाद में अज्ञात हैंडलरों के निर्देश पर चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से बाहर निकाली जाती थी।
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I4C की जानकारी पर शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी के आधार पर हुई। I4C ने बताया कि चंडीगढ़ में चल रहे कई बैंक अकाउंट्स राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज फ्रॉड शिकायतों से जुड़े हैं, जिनमें दिल्ली, तमिलनाडु, गोवा, गुजरात और मुंबई जैसे राज्यों के मामले शामिल हैं। जांच में पता चला कि ये अकाउंट्स म्यूल अकाउंट्स के रूप में कार्य कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि वित्तीय लेन-देन के निशान स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि चंडीगढ़ आधारित ये अकाउंट्स एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा थे।
पुलिस की चेतावनी और सलाह
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक अकाउंट विवरण, एटीएम कार्ड, चेक बुक, OTP या ऑनलाइन बैंकिंग क्रेडेंशियल्स अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी को अपने अकाउंट का उपयोग करने देना भी आपराधिक आरोपों के तहत आता है।
साथ ही, जो भी व्यक्ति अपने खाते में संदिग्ध लेन-देन देखे या साइबर फ्रॉड का शिकार हुआ हो, उन्हें तुरंत राष्ट्रीय पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञ की राय
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल बढ़ते साइबर फ्रॉड में आम है। ऐसे अकाउंट्स का उपयोग अपराधी बड़े पैमाने पर धन शोधन के लिए करते हैं, और अकाउंट होल्डर को सीधे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
