चंडीगढ़। गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर के बैंक खाते से ₹3 लाख 26 हजार 374 रुपये निकाल लिए। आरोप है कि ठगों ने पहले गैस बिल बकाया होने का संदेश भेजा और फिर खुद को विभाग का अधिकारी बताकर फोन किया। बातचीत के दौरान पीड़ित से मोबाइल में एक फर्जी एपीके फाइल इंस्टॉल कराई गई। इसके बाद ठगों ने कथित तौर पर मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर बैंक खाते से रकम निकाल ली। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-47सी स्थित आर्मी फ्लैट्स में रहने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर के अनुसार, 20 जून को उनके मोबाइल पर एक एसएमएस आया था। इसमें चेतावनी दी गई थी कि यदि रात 10:30 बजे तक गैस के बकाये बिल का भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। संदेश मिलने के कुछ समय बाद उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोन करने वाले ने खुद को गैस कनेक्शन विभाग का अधिकारी बताया। उसने बकाया बिल के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर पीड़ित को एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। इसके लिए उन्हें एपीके फाइल भेजी गई, जिसे उन्होंने ठग के कहने पर मोबाइल में इंस्टॉल कर लिया। पुलिस अब इसी फाइल को साइबर ठगी की जांच में अहम डिजिटल साक्ष्य मानकर उसकी तकनीकी जांच कर रही है।
पहले एसबीआई खाते से ₹5 लाख निकालने का प्रयास
शिकायत के अनुसार, 21 जून को ठगों ने पीड़ित के एसबीआई खाते से ₹5 लाख स्थानांतरित करने का प्रयास किया। हालांकि, पीड़ित ने भुगतान से इनकार कर दिया और बैंक की ओर से भी संदिग्ध लेनदेन को मंजूरी नहीं मिली। इस वजह से उस समय बड़ी रकम निकलने से बच गई।
इसके बावजूद मोबाइल में इंस्टॉल कराई गई एपीके फाइल फोन में मौजूद रही। आरोप है कि करीब दो सप्ताह बाद इसी माध्यम से ठगों ने मोबाइल तक पहुंच हासिल कर ली और बैंक खाते से रकम निकालने की कार्रवाई की।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
5 जुलाई को चार लेनदेन में निकले ₹3.26 लाख
शिकायत के मुताबिक, 5 जुलाई की सुबह पीड़ित के एक्सिस बैंक खाते से चार अलग-अलग लेनदेन किए गए। सुबह 9 बजे ₹90,000, 9:45 बजे ₹1,03,551, 10 बजे ₹48,323 और 11 बजे ₹84,500 स्थानांतरित किए गए। चारों लेनदेन में कुल ₹3,26,374 रुपये खाते से निकल गए।
पीड़ित का एक्सिस बैंक खाता सेक्टर-35बी में है, जबकि उनका पेंशन खाता एसबीआई की सेक्टर-17 बैंक स्क्वेयर शाखा में है। दोनों खातों में एक ही मोबाइल नंबर पंजीकृत था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एपीके फाइल के जरिए मोबाइल तक किस स्तर की पहुंच हासिल की गई और इसका इस्तेमाल बैंकिंग लेनदेन के लिए कैसे किया गया।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, एपीके फाइल और उन बैंक खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जिनमें रकम भेजी गई। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने फोन पर नियंत्रण हासिल करने के बाद बैंकिंग संबंधी जानकारी तक किस तरह पहुंच बनाई।
साइबर अपराध की इस घटना में पहले पांच लाख रुपये के लेनदेन का प्रयास विफल होना और बाद में दूसरे बैंक खाते से रकम निकलना भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
