भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुपालन विभाग के एक कार्यालय परिचारी के ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी के अनुसार, गड़हनी अंचल स्थित पशु चिकित्सालय में तैनात कार्यालय परिचारी शिवानंद कुमार सिंह ने अपनी ज्ञात आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की। छापेमारी के दौरान उनके और उनकी पत्नी चांदनी सिंह के नाम पर बड़ी संख्या में जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
निगरानी ब्यूरो की टीम ने शिवानंद कुमार सिंह के तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इसमें उनका आवास और कार्यालय भी शामिल था। जांच टीम ने कई घंटे तक संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय कागजातों की जांच की। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को आरोपी की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलने का दावा किया गया है।
निगरानी अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान आरोपी और उसकी पत्नी के नाम पर कुल 34 अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब ₹1 करोड़ 11 लाख 76 हजार 250 रुपये बताया गया है। बरामद दस्तावेजों में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं, जिनकी अब विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच के दौरान तीन वाहनों की खरीद और पंजीकरण से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। इसमें एक महिंद्रा थार और दो मोटरसाइकिल शामिल हैं। इन वाहनों की कुल कीमत करीब ₹17 लाख 24 हजार 187 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, बैंक खातों में करीब 68 हजार 233 रुपये जमा पाए गए हैं।
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छापेमारी में मिले दस्तावेजों में तीन जमीन एग्रीमेंट, 15 जमीन क्रय डीड, 12 जमीन विक्रय डीड, एक मॉरगेज डीड और पांच अलग-अलग बैंक खातों के रिकॉर्ड शामिल हैं। निगरानी अधिकारी अब इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने में जुटे हैं कि संपत्तियों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शिवानंद कुमार सिंह के खिलाफ 20 जुलाई 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या-087/26 के तहत आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। एजेंसी के अनुसार, आरोपी की कुल ज्ञात आय की तुलना में उसकी संपत्ति करीब 253.8 प्रतिशत अधिक पाई गई है। इसी आधार पर उसके खिलाफ करीब ₹1 करोड़ 6 लाख 62 हजार 770 रुपये की प्रत्यानुपातिक धनार्जन यानी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी सेवा में रहते हुए शिवानंद कुमार सिंह ने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की। निगरानी अधिकारी संपत्तियों के खरीद स्रोत, बैंक लेनदेन, जमीन के दस्तावेज और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित संपत्तियों को जब्त करने और अन्य वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
राज्य में लगातार सामने आ रहे आय से अधिक संपत्ति के मामलों के बीच यह मामला सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति जांच और भ्रष्टाचार नियंत्रण व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। निगरानी ब्यूरो अब बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की आगे जांच कर रहा है।
