बालाघाट/भोपाल। बालाघाट जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने सेवा सहकारी समिति के एक प्रभारी प्रबंधक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद गुरुवार सुबह करीब छह बजे आरोपी के आवास और उससे जुड़ी संपत्तियों पर तलाशी शुरू की गई। शुरुआती जांच में जमीन, प्लॉट, मकान, महंगी गाड़ियों और पांच लग्जरी स्लीपर बसों समेत करीब तीन करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आने की बात जांच एजेंसी ने कही है। बैंक खातों, लॉकरों और बीमा पॉलिसियों की जांच अभी जारी है।
मनेरी सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक के खिलाफ भ्रष्टाचार के जरिये ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। ईओडब्ल्यू के अनुसार शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपों में प्रथमदृष्टया तथ्य पाए गए, जिसके बाद मामला दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज कई संपत्तियों और वाहनों की जानकारी सामने आई है।
जांच में विभिन्न बैंक शाखाओं में संचालित आठ बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों का भी पता चला है। इन खातों में जमा रकम और वित्तीय लेनदेन का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही बैंक लॉकरों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों के विस्तृत परीक्षण के बाद अनुपातहीन संपत्ति की वास्तविक मात्रा स्पष्ट होगी।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2014 में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में सहकारी समिति में नियुक्त हुआ था और बाद में प्रभारी प्रबंधक के पद तक पहुंचा। करीब 12 वर्षों की नौकरी के दौरान उसकी ज्ञात वैध आय लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले तलाशी में सामने आई संपत्तियों का प्रारंभिक मूल्यांकन करीब तीन करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उसकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 500 गुना अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा प्रारंभिक जांच पर आधारित है और अंतिम मूल्यांकन दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद तय होगा।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
अब तक सामने आई संपत्तियों में करीब 70 लाख रुपये मूल्य की भूमि, प्लॉट और मकान शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 70 लाख रुपये के घरेलू सामान और अन्य महंगे उपकरणों का भी पता चला है। वाहनों में करीब 15 लाख रुपये की महिंद्रा स्कॉर्पियो, लगभग 12 लाख रुपये की सुजुकी ग्रैंड विटारा और करीब 15 लाख रुपये कीमत की दो बोलेरो एक्सेल शामिल हैं। तीन दोपहिया वाहनों का अनुमानित मूल्य करीब 2.50 लाख रुपये बताया गया है।
तलाशी में पांच लग्जरी स्लीपर बसें भी सामने आई हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। जांच के अनुसार ये बसें आरोपी की पत्नी के नाम पर दर्ज हैं। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाले एक आलीशान मकान और करीब 10 लाख रुपये मूल्य की कृषि भूमि की जानकारी भी सामने आई है।
घर के भीतर करीब 10 लाख रुपये कीमत के आधुनिक व्यायाम उपकरण मिलने की बात भी सामने आई है। ईओडब्ल्यू अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी और उसके परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया और इनमें से कितनी संपत्ति उसकी वैध आय के अनुरूप है। बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, संपत्ति दस्तावेजों और वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में अनुपातहीन संपत्ति की अंतिम गणना की जाएगी।
तलाशी और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
