ईडी जांच में अनिल अंबानी का मुंबई आवास 'अबोड' जब्त: ₹3716 करोड़ की संपत्ति।

ईडी के सामने पेश नहीं हुए अनिल अंबानी, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ टली

Team The420
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रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश नहीं हुए। एजेंसी उन्हें येस बैंक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाना चाहती थी, लेकिन अंबानी ने निर्धारित समय पर हाजिरी नहीं दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जांच एजेंसी ने उन्हें नया समन जारी किया है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच की प्रगति पर निर्भर करेगी।

सूत्रों के अनुसार 66 वर्षीय अनिल अंबानी से रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े कथित बैंक लोन फ्रॉड मामले में बयान दर्ज किया जाना था। इससे पहले उन्हें गुरुवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध बैंक कर्ज मामलों से जुड़े सवाल किए थे। अनिल अंबानी से पहली बार अगस्त 2025 में जांच के सिलसिले में पूछताछ की गई थी।

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मामले की जांच केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि अनिल अंबानी समूह की कई कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि बैंक ऋण प्राप्त करने के दौरान कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं और गलत जानकारी देने से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है, जो सभी संबंधित मामलों की गहन जांच कर रहा है।

जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई करते हुए बुधवार को अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘अबोड’ को भी जब्त कर लिया था। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार यह संपत्ति लगभग ₹3,716 करोड़ मूल्य की बताई गई है और इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों के तहत अटैच किया गया है। एजेंसी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) के खिलाफ तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले दर्ज किए गए हैं।

इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरकॉम और अनिल अंबानी के खिलाफ नया मामला भी दर्ज किया है। आरोप है कि 2013 से 2017 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा को कथित रूप से धोखा देकर करीब ₹2,220 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि लोन प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर गलत वित्तीय विवरण और अन्य अनियमित जानकारी प्रस्तुत की गई थी। इस सिलसिले में तलाशी अभियान भी चलाया गया, जिसमें अंबानी के आवास और आरकॉम कार्यालयों की जांच की गई।

अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने समय देने का अनुरोध किया। अधिकारियों के अनुसार उन्हें बाद में पूछताछ के लिए नया समन जारी किया जा सकता है। फिलहाल इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दर्ज तीनों मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। विशेष जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बैंक कर्ज हासिल करने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और किन लोगों की संलिप्तता रही।

ईडी और सीबीआई दोनों ही एजेंसियां इस पूरे वित्तीय गड़बड़ी प्रकरण के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहना बल्कि संभावित बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा करना है।

फिलहाल अनिल अंबानी से जुड़े मामलों में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर नए सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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