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एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट मियामी में गिरफ्तार, ब्रिटेन में रेप और मानव तस्करी के आरोपों पर प्रत्यर्पण की तैयारी

Team The420
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मियामी (अमेरिका): सोशल मीडिया के चर्चित और विवादित इन्फ्लुएंसर एंड्रयू टेट और ट्रिस्टन टेट को अमेरिका के मियामी में गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटेन की ओर से रेप और मानव तस्करी से जुड़े आरोपों में उनके प्रत्यर्पण की मांग के बाद अमेरिकी मार्शल सर्विस ने दोनों भाइयों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद के केंद्र में आ गया है।

अमेरिकी मार्शल सर्विस के प्रवक्ता ब्रैडी मैककैरोन ने पुष्टि की कि दोनों भाइयों को शनिवार को सीलबंद वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ब्रिटेन में लंबित आपराधिक आरोपों से जुड़ी है।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट को अगले सप्ताह की शुरुआत में मियामी की संघीय अदालत में पेश किया जा सकता है।

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ब्रिटेन ने की प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू

ब्रिटेन के अभियोजकों ने एंड्रयू टेट और ट्रिस्टन टेट के खिलाफ 2010 से 2017 के बीच महिलाओं के साथ कथित रेप और मानव तस्करी के आरोपों में प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की है।

आरोप उन घटनाओं से जुड़े हैं जो लंदन के उत्तर में उस इलाके में हुई बताई जा रही हैं, जहां दोनों भाई बड़े हुए थे। टेट भाइयों के वकीलों ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेंगे।

एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट के पास अमेरिका और ब्रिटेन दोनों की नागरिकता है। दोनों वर्ष 2016 में रोमानिया चले गए थे। वर्ष 2022 में रोमानियाई अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने के आरोपों की जांच के दौरान गिरफ्तार किया था।

हालांकि, रोमानिया में चल रहा मामला कानूनी और प्रक्रियागत कारणों से आगे नहीं बढ़ सका। टेट भाइयों ने लगातार मानव तस्करी और दुर्व्यवहार के आरोपों को गलत बताया है।

वकील ने आरोपों को बताया निराधार

टेट भाइयों के वकील जोसेफ मैकब्राइड ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद वह अभी तक अपने मुवक्किलों से बात नहीं कर पाए हैं। उन्होंने ब्रिटेन के आरोपों को निराधार बताया और दावा किया कि ये कार्रवाई अमेरिका में भाइयों द्वारा दायर मानहानि मामलों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

वकील ने कहा कि जब अदालत तथ्यों और सबूतों की समीक्षा करेगी तो एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट निर्दोष साबित होंगे।

टेट भाइयों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिए गए उनके कई बयान संदर्भ से हटाकर पेश किए गए हैं या उन्हें केवल विवादित टिप्पणियों के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी अपराध की स्वीकारोक्ति के तौर पर।

विवादित ऑनलाइन छवि और लोकप्रियता

39 वर्षीय एंड्रयू टेट वर्ष 2016 में ब्रिटेन के रियलिटी टीवी शो “बिग ब्रदर” में हिस्सा लेने के बाद पहली बार व्यापक रूप से चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर दौलत, पुरुष प्रभुत्व और जीवनशैली से जुड़े संदेशों के जरिए बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बनाए।

उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लाखों अनुयायी हैं। हालांकि, उन्हें यूट्यूब, टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म से नीतियों के उल्लंघन के कारण प्रतिबंधित किया जा चुका है।

महिलाओं, यौन अपराधों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उनके कई पुराने बयानों की आलोचना हुई है। आलोचकों ने उन पर हानिकारक विचारों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया।

पहले भी विवादों में रहे टेट भाई

यह गिरफ्तारी दोनों भाइयों की ऑनलाइन गतिविधियों, कारोबारी संचालन और सार्वजनिक बयानों को लेकर लंबे समय से चल रही जांच के बाद हुई है।

रोमानिया में अभियोजकों ने पहले आरोप लगाया था कि दोनों भाई महिलाओं के शोषण से जुड़े एक आपराधिक संगठन का हिस्सा थे। एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को अनुचित कार्रवाई का शिकार बताया था।

ब्रिटेन की नई प्रत्यर्पण मांग के बाद इस मामले ने फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग की भूमिका अहम होगी।

अदालत तय करेगी आगे की कार्रवाई

अमेरिका में हुई गिरफ्तारी से एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट की दोषसिद्धि तय नहीं होती है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

ब्रिटेन की एजेंसियां प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगी, जबकि अमेरिकी अदालत यह तय करेगी कि कानूनी शर्तों के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला सोशल मीडिया हस्तियों से जुड़ी सबसे चर्चित अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाइयों में शामिल हो गया है, जो ऑनलाइन प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों की जवाबदेही और सीमा पार आपराधिक जांच में सहयोग की चुनौतियों को भी सामने लाता है।

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