अमृतसर: विदेश भेजने का झांसा देकर मुहावा गांव के एक व्यक्ति से कथित तौर पर ₹16.18 लाख की ठगी किए जाने के आरोप में रविवार को जम्हूरी किसान सभा पंजाब के सदस्यों ने ज्वाला नगर इलाके में प्रदर्शन किया। संगठन ने कथित आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, पीड़ित की रकम वापस दिलाने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित दंपती ने विदेश भेजने के नाम पर कई लोगों से रकम ली और बाद में कथित तौर पर गायब हो गया।
प्रदर्शन का आयोजन जम्हूरी किसान सभा की मोड, नेश्ता और मुहावा इकाइयों की ओर से किया गया। किसान नेताओं निर्मल सिंह मोड और मनजीत सिंह नेश्ता ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित ठगी से प्रभावित लोग लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक रकम नहीं मिली है।
विदेश भेजने के नाम पर ₹16.18 लाख लेने का आरोप
किसान नेताओं के मुताबिक, मुहावा निवासी प्रभजीत सिंह ने विदेश भेजने की व्यवस्था कराने की उम्मीद में लक्ष्मी प्रशार, उमेश प्रशार और उनके सहयोगियों को कुल ₹16.18 लाख दिए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद न तो प्रभजीत सिंह को विदेश भेजने की कथित सुविधा उपलब्ध कराई गई और न ही बार-बार मांग करने के बाद उसकी रकम वापस की गई।
आरोप है कि प्रभजीत सिंह ने विदेश जाने की प्रक्रिया और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने की उम्मीद में रकम का भुगतान किया था। जब लंबे समय तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया तो उसने रकम वापस मांगनी शुरू की। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई प्रयासों के बावजूद रकम वापस नहीं मिली।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई, भुगतान किन माध्यमों से हुआ और मामले में नामित लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
कई लोगों से करीब ₹1.5 करोड़ जुटाने का दावा
किसान संगठन ने दावा किया कि प्रभजीत सिंह कथित रूप से ठगी का अकेला शिकार नहीं है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, संबंधित दंपती ने विदेश भेजने और इससे जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के नाम पर कई लोगों से करीब ₹1.5 करोड़ की रकम एकत्र की और बाद में कथित तौर पर गायब हो गया।
किसान नेताओं ने कहा कि कथित रूप से प्रभावित लोगों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी शामिल हैं। आरोप है कि कई परिवारों ने विदेश जाने की उम्मीद में अपनी वर्षों की बचत और मेहनत की कमाई लगा दी थी। कथित तौर पर रकम वापस नहीं मिलने और वादा पूरा नहीं होने के कारण इन परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कांग्रेस नेता पिंका प्रधान, जिन्हें प्रशार परिवार का करीबी रिश्तेदार बताया गया, भी मौके पर मौजूद थे।
ग्रामीण एसएसपी से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
किसान नेताओं रतन सिंह रंधावा और बलविंदर झब्बल ने कहा कि जम्हूरी किसान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल कथित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और पीड़ितों से ली गई रकम की प्रभावी तरीके से वसूली की मांग करेगा।
संगठन ने यह भी मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के तहत आरोपियों की संपत्तियों के संबंध में उचित कार्रवाई की जाए, ताकि कथित पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में मदद मिल सके। किसान नेताओं का कहना है कि केवल FIR दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कथित रूप से ली गई रकम का पता लगाकर उसकी रिकवरी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसान संगठन अपना आंदोलन तेज कर सकता है। नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित पीड़ितों को राहत दिलाने की मांग की।
विदेश भेजने के नाम पर होने वाली कथित धोखाधड़ी के मामलों में भुगतान से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, रसीदें, बातचीत के विवरण, दस्तावेज और विदेश भेजने के लिए किए गए दावों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी रकम ली गई, पैसा कहां गया और नामित लोगों की कथित भूमिका क्या थी।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों और कथित पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
