अलीगढ़: एफएसडीए ने मलूकचंद, भगवानदास समेत 5 तेल मिलों पर छापा मारा, 9,000 लीटर तेल सीज।

होली से पहले मिलावट पर बड़ा प्रहार: लखनऊ की एफएसडीए टीम की 10 घंटे छापेमारी, 9 हजार लीटर तेल सीज

Team The420
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त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार करते हुए लखनऊ से आई विशेष टीम ने अलीगढ़ की पांच प्रमुख तेल मिलों पर करीब 10 घंटे तक लगातार छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान उत्पादन, भंडारण और पैकेजिंग में गंभीर कमियां सामने आईं। मिलावट की आशंका पर करीब 9 हजार लीटर तेल सीज किया गया और 15 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में की गई। सहायक आयुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल अजय जायसवाल ने बताया कि टीम ने निर्धारित मानकों के अनुपालन, तेल की गुणवत्ता, स्टोरेज व्यवस्था और पैकेजिंग प्रक्रिया की गहन जांच की।

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एक साथ पांच प्रतिष्ठानों पर दबिश

लखनऊ से आई टीम ने एक साथ पांच तेल मिलों पर कार्रवाई की:

  • मलूकचंद्र फूड प्रा. लि., आगरा रोड – चार सरसों तेल के नमूने
  • श्री वनस्पति प्रोडक्ट्स लिमिटेड, आगरा रोड – तीन सरसों तेल के नमूने
  • मै. भगवान दास ऑयल मिल, लोधा (अटलपुर) – दो सरसों तेल व एक रिफाइंड का नमूना
  • श्याम एंटरप्राइजेज, सारसौल – एक सोयाबीन और एक रिफाइंड पाम तेल का नमूना
  • मै. डेरी फूड्स, देवी नगला – एक रिफाइंड, एक वनस्पति और एक कुकिंग मीडिया का नमूना

सूत्रों के अनुसार, मलूकचंद्र फूड प्रा. लि. की दो इकाइयों—मड़राक स्थित यूनिट और श्री वनस्पति प्रोडक्ट्स—की उत्पादन से सप्लाई चेन तक गहन जांच की गई। अन्य संभावित इकाइयों में भी अधिकारियों के जाने की चर्चा रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

गंदगी, खुला भंडारण और मानकों की अनदेखी

जांच के दौरान जो प्रमुख कमियां सामने आईं, वे इस प्रकार हैं:

  • उत्पादन इकाइयों में साफ-सफाई का अभाव
  • तेल का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं
  • ड्रमों और टैंकों में तेल खुले में रखा मिला
  • गुणवत्ता नियंत्रण और पैकेजिंग प्रक्रिया में खामियां
  • खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन नहीं

मिलावट की आशंका को देखते हुए करीब 9 हजार लीटर तेल मौके पर ही सीज कर दिया गया। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित मिलों पर विधिक कार्रवाई तय की जाएगी।

करोड़ों का कारोबार, साख पर सवाल

अलीगढ़ में सरसों तेल सहित अन्य खाद्य तेलों का कारोबार करोड़ों रुपये का है। जिले में दर्जनभर से अधिक बड़ी मिलें संचालित हैं, जहां प्रतिदिन एक से तीन हजार लीटर तक उत्पादन कर तेल बाहर के जिलों व राज्यों में भेजा जाता है। ऐसे में गुणवत्ता में कमी या मिलावट की आशंका उपभोक्ताओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है।

इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस वर्ष सरसों तेल को लेकर यह पहली और सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई है। इससे पहले स्थानीय स्तर पर केवल फुटकर बाजारों में सीमित छापेमारी होती रही थी। इस बार सीधे बड़े उत्पादन केंद्रों पर सख्ती दिखाई गई है।

बताया जा रहा है कि होली के मद्देनजर मिलावट पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद यह विशेष अभियान चलाया गया। खास बात यह रही कि इस कार्रवाई में स्थानीय अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया।

मंगलवार को कार्रवाई को अंतिम रूप देने के बाद टीम लखनऊ लौट गई। अब सबकी नजर लैब रिपोर्ट पर है, जो तय करेगी कि इन तेल मिलों पर आगे कितना कड़ा शिकंजा कसता है।

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