अहमदाबाद: अहमदाबाद पुलिस ने आनंदनगर इलाके के 83 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर के खाते से लगभग ₹1 लाख की साइबर ठगी के मामले में FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने किसी को भी OTP, पासवर्ड या बैंकिंग विवरण साझा नहीं किया था, बावजूद इसके उनके खाते से बड़ी रकम गायब हो गई। FIR घटना के लगभग दो महीने बाद दर्ज की गई।
शिकायत के अनुसार, यह धोखाधड़ी 2 जनवरी को हुई, जब डॉक्टर ने एक डिजिटल पेमेंट एप के माध्यम से सामान्य लेन‑देन करने का प्रयास किया। उन्हें एक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें बताया गया कि उनके दैनिक लेन‑देन की सीमा पार हो गई है, जबकि उस दिन उन्होंने कोई लेन‑देन नहीं किया था। असामान्य सूचना देखकर, उन्होंने कुछ दिन बाद अपने बैंक शाखा का रुख किया।
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बैंक अधिकारियों ने बताया कि 2 जनवरी की सुबह उनके खाते से ₹99,000 की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने न तो यह ट्रांसफर किया और न ही किसी के साथ संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा की।
अनधिकृत लेन‑देन का पता चलने के बाद डॉक्टर ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) से संपर्क किया। इसके बावजूद FIR औपचारिक रूप से लगभग दो महीने की देरी के बाद दर्ज की गई।
पुलिस ने बताया कि FIR में चोरी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना इस बात को उजागर करती है कि साइबर फ्रॉड का खतरा वृद्ध नागरिकों को विशेष रूप से निशाना बना रहा है। पहले भी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक 90 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स डॉक्टर लगभग ₹2.5 करोड़ के साइबर ठगी का शिकार हुए थे। उस मामले में उन्हें लगभग 25 दिन तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और उसी दौरान उनका बैंक खाता हैक किया गया।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि वृद्ध नागरिकों को ऑनलाइन लेन‑देन के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। डिजिटल लेन‑देन में किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल के प्रति सावधान रहना जरूरी है।
अहमदाबाद के मामले में यह देखा गया कि अपराधी तकनीकी और मनोवैज्ञानिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर धन की चोरी कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण करके अपराधियों की पहचान की जाएगी।
यह घटना नागरिकों और निवेशकों के लिए एक साफ चेतावनी है कि ऑनलाइन वित्तीय लेन‑देन में हमेशा सतर्क रहना अनिवार्य है।
