अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर एक कारोबारी से ₹1.31 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सात लोगों ने मिलकर एक युवती की वास्तविक पहचान, उसकी वैवाहिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाकर पीड़ित परिवार को विवाह के लिए राजी किया। सगाई के बाद विभिन्न बहानों से कई किश्तों में रकम ली गई, लेकिन बाद में आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित अंकितभाई कनुभाई पटेल (30) अहमदाबाद के वस्त्राल क्षेत्र के निवासी हैं और काठवाड़ा जीआईडीसी में गायत्री इंजीनियरिंग नाम से लेथ मशीन का कारोबार करते हैं। परिवार उनके विवाह के लिए उपयुक्त रिश्ता तलाश रहा था। इसी दौरान एक परिचित ने उन्हें आरोपी दीपकभाई जोशी से मिलवाया, जिसने दावा किया कि वह पटेल समाज की एक उपयुक्त युवती का रिश्ता करा सकता है।
आरोप है कि 10 जून 2025 को पीड़ित का परिवार आनंद जिले के उदेल गांव पहुंचा, जहां उनकी मुलाकात काजल नाम से परिचय कराई गई एक युवती से कराई गई। आरोपियों ने युवती और उसके परिवार के बारे में जो जानकारी दी, उस पर भरोसा करते हुए दोनों परिवारों ने रिश्ता तय कर लिया। इसके बाद 14 जून 2025 को दोनों पक्षों के बीच सगाई संपन्न हुई।
शिकायत में कहा गया है कि सगाई के तुरंत बाद आरोपियों ने पहली बार ₹51,000 की मांग की। उन्होंने दावा किया कि युवती की मां को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। रिश्ते को ध्यान में रखते हुए पीड़ित परिवार ने यह राशि दे दी। कुछ दिन बाद आरोपियों ने दोबारा संपर्क कर बताया कि युवती के एक रिश्तेदार का सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण ऑपरेशन कराया जाना है। इस बहाने कथित रूप से ₹60,000 और लिए गए।
Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference
इसके बाद 24 जून को अस्पताल के अतिरिक्त खर्च का हवाला देकर पीड़ित से फोनपे के माध्यम से ₹20,000 और ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया गया। इस तरह अलग-अलग अवसरों पर कुल ₹1.31 लाख आरोपियों को दिए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रत्येक बार मानवीय आधार पर मदद मांगी गई और यह भरोसा दिलाया गया कि विवाह की प्रक्रिया सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है।
पीड़ित के अनुसार, रकम मिलने के बाद आरोपियों ने अचानक फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क से बचने लगे। संदेह होने पर वह अपने परिवार के साथ दोबारा उदेल गांव पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों से बातचीत में कथित रूप से पता चला कि जिस युवती को काजल बताकर मिलवाया गया था, वह न तो पटेल समाज से थी और न ही उसके बारे में दी गई अन्य जानकारियां सही थीं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवती पहले से विवाह कर चुकी थी तथा जिस दुर्घटना और पारिवारिक संकट का हवाला देकर पैसे लिए गए थे, वैसी कोई घटना हुई ही नहीं थी।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सगाई के दौरान स्वयं को सुरेशभाई बताने वाला व्यक्ति वास्तव में विक्रमसिंह उदेसिंह चावड़ा था। पीड़ित का कहना है कि कई बार रकम वापस मांगने के बावजूद आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने सगाई समाप्त कर पुलिस का रुख किया।
शिकायत के आधार पर रामोल पुलिस ने दीपकभाई जोशी सहित सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, कथित रूप से प्रस्तुत किए गए फर्जी तथ्यों, धन के लेनदेन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
