अहमदाबाद में फर्जी ट्रैफिक challan APK लिंक से ₹14.05 लाख की साइबर ठगी के मामले की जांच करती साइबर पुलिस।

अहमदाबाद में फर्जी ‘ट्रैफिक challan’ लिंक से ₹14 लाख की साइबर ठगी का मामला

Team The420
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अहमदाबाद: अहमदाबाद के रामोल इलाके में रहने वाले 48 वर्षीय सादिक हुसैन मलिक ने दावा किया है कि उन्हें फर्जी ट्रैफिक challan लिंक के माध्यम से भेजे गए मोबाइल एप्लिकेशन के कारण ₹14.05 लाख की ठगी का सामना करना पड़ा। आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी, जिसका नाम था ‘Traffic Challan 500.apk’, और इसे खोलकर ई‑challan भुगतान करने का दबाव डाला गया।

मलिक ने बताया कि यह घटना 28 नवंबर की रात हुई, जब उन्होंने एक अज्ञात नंबर से यह संदेश प्राप्त किया। संदेश में दावा किया गया कि अंतिम तिथि होने के कारण उन्हें तुरंत फाइल खोलकर भुगतान करना चाहिए। भरोसा होने के कारण मलिक ने फाइल पर क्लिक किया, लेकिन एप्लिकेशन ने कोई जानकारी प्रदर्शित नहीं की।

पुलिस ने कहा कि यह APK फाइल मालिशियस थी, जिसने कथित तौर पर आरोपी को शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट तक अनधिकृत एक्सेस की अनुमति दी। शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के फोन पर कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए और उसी लोगो का उपयोग करते हुए अपने संपर्कों में फर्जी APK फाइलें भेजीं, जिससे और अधिक लोगों को निशाना बनाया जा सकता था।

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इसके अलावा, शिकायत में यह भी दावा किया गया कि आरोपी ने मलिक के बैंकिंग ऐप्स का उपयोग कर कई धोखाधड़ी लेन‑देन किए। शुरुआत में ₹5,700 मलिक के अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुआ, इसके बाद कुल ₹13.14 लाख का डेबिट किया गया, जो अज्ञात व्यक्तियों के क्रेडिट कार्ड बिलों के भुगतान के लिए था। इसके अलावा ₹91,500 IMPS के जरिए अलग खाते में ट्रांसफर किए गए। कुल मिलाकर मलिक ने ₹14.05 लाख का नुकसान उठाया।

मलिक ने लेन‑देन अलर्ट मिलने के बाद अपने बैंक से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने पहले National Cybercrime Helpline (1930) में भी रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर अहमदाबाद के Cyber Crime Police Station का रुख किया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ ठगी, डेटा चोरी और कंप्यूटर सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांचकर्ता डिजिटल सबूतों, जिसमें APK फाइल और ट्रांजेक्शन ट्रेल शामिल हैं, की पड़ताल कर रहे हैं ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

साइबर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक या अज्ञात एप्लिकेशन से दूर रहें और केवल प्रमाणित प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना इस बात को उजागर करती है कि साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी लगातार बढ़ रहे हैं, और निवेशक तथा आम जनता को ऑनलाइन लेन‑देन के समय पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

मालिक का अनुभव यह भी दिखाता है कि साइबर अपराधी तकनीकी और मनोवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर लोगों को फंसा सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान की जाएगी।

यह मामला नागरिकों और निवेशकों को एक स्पष्ट चेतावनी देता है कि ऑनलाइन वित्तीय गतिविधियों में किसी भी समय सतर्क रहना आवश्यक है।

 

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