यमुनानगर में BFX Pro के जरिए हाई रिटर्न और दुबई ट्रिप का लालच देकर ₹6.82 करोड़ की क्रिप्टो निवेश ठगी का खुलासा

क्रिप्टो के जाल का पर्दाफाश: अहमदाबाद में ₹57 लाख का निवेश घोटाला बेनकाब, दुबई से संचालित मास्टरमाइंड फरार

Roopa
By Roopa
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अहमदाबाद: साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में अहमदाबाद में ₹57 लाख के क्रिप्टो निवेश घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म और म्यूल बैंक खातों के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दुबई से ऑपरेट करने वाला मुख्य आरोपी अभी फरार है।

जांच में सामने आया है कि यह पूरा फ्रॉड सोशल इंजीनियरिंग और तकनीकी हेरफेर के जरिए अंजाम दिया गया, जिसमें लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर फंसाया गया।

सोशल मीडिया दोस्ती बनी ठगी का जाल

जांच के मुताबिक, पीड़ित से सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook के जरिए संपर्क किया गया। आरोपियों ने धीरे-धीरे भरोसा जीतकर उसे क्रिप्टो निवेश के लिए तैयार किया और कम समय में ज्यादा मुनाफे का भरोसा दिया।

इसके बाद पीड़ित को ‘CBOE US’ नाम का एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया, जिसे एक वैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया। इस ऐप के जरिए पीड़ित को Tether (USDT) में निवेश करने के लिए गाइड किया गया।

हालांकि, जांच में सामने आया कि यह ऐप पूरी तरह फर्जी था, जिसे केवल निवेश का भ्रम पैदा करने और धीरे-धीरे पैसे निकालने के लिए डिजाइन किया गया था।

लेयरिंग के जरिए रकम गायब करने की साजिश

जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर पीड़ित से कई चरणों में पैसे ट्रांसफर करवाए। इन खातों का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग जगहों पर घुमाकर ट्रेल छिपाने के लिए किया गया।

कुल मिलाकर करीब ₹57.9 लाख की रकम ट्रांजेक्शन की एक श्रृंखला के जरिए निकाल ली गई। शिकायत दर्ज होने के बाद तकनीकी और मानव खुफिया आधार पर जांच शुरू की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क केवल गुजरात तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था, जिसमें हैंडलर, मिडलमैन और अकाउंट होल्डर शामिल थे।

दुबई कनेक्शन और फरार मास्टरमाइंड

मामले की जांच के दौरान दुबई में बैठे मुख्य आरोपी मयूर सावलिया की भूमिका सामने आई। वह कथित तौर पर पूरे ऑपरेशन को रिमोट तरीके से संचालित कर रहा था और बैंक खातों की जानकारी व ट्रांजेक्शन को निर्देशित करता था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय कम्युनिकेशन चैनलों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाता रहा। फिलहाल उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी लिया जा सकता है।

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छह आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की परतें खुलीं

इस मामले में ताहिर फेजमोहम्मद बेलिम, अदनान लियाकतभाई शेख, एजाज जिलानीभाई शेख, ओंकार भारती गोस्वामी, मकसूद रफीकभाई मिर्जा और सनी अशोक कुमार मग्गो को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में पता चला कि ये सभी आरोपी अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे, जैसे बैंक खाते उपलब्ध कराना, लेनदेन को मैनेज करना और ठगी की रकम को आगे बढ़ाना। कुछ आरोपी कथित तौर पर अकाउंट होल्डर्स को दिल्ली ले जाकर वित्तीय लेनदेन कराते थे, ताकि स्थानीय स्तर पर शक न हो।

कई मामलों से जुड़े बैंक खाते

जांच में पांच बैंक खातों का पता चला, जिनमें से चार खाते देशभर में दर्ज कम से कम 41 साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़े पाए गए।

इन खातों के जरिए करीब ₹1.5 करोड़ का लेनदेन हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि यह मामला एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

ये खाते ‘Crystal Interior Designers Private Limited’ जैसी कंपनियों के नाम पर खोले गए थे और विभिन्न बैंकों में संचालित किए जा रहे थे।

जांच तेज, और पीड़ितों की तलाश

अब जांच एजेंसियां पूरे मनी ट्रेल को ट्रैक करने और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हैं। साथ ही, उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिन्होंने बैंक खाते खुलवाने या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने में मदद की।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे घोटाले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां फर्जी ऐप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

एक Researcher at Algoritha Security के अनुसार, “साइबर अपराधी अब सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी ट्रेडिंग इंटरफेस को मिलाकर ऐसा माहौल तैयार करते हैं, जिससे निवेश असली लगता है और पीड़ित को तब तक शक नहीं होता जब तक बड़ा नुकसान न हो जाए।”

बढ़ता खतरा और सावधानी की जरूरत

यह मामला दर्शाता है कि बिना सत्यापन वाले निवेश प्लेटफॉर्म कितने जोखिम भरे हो सकते हैं। डिजिटल एसेट्स की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं।

लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचें, अनजान स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने से बचें और सोशल मीडिया पर मिलने वाली वित्तीय सलाह से सतर्क रहें।

फिलहाल जांच जारी है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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