मोगा में Punjab & Sind Bank के एक ग्राहक के खाते से कथित तौर पर ₹32.50 लाख बिना अनुमति कई बाहरी खातों में ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है।

एफडी नवीनीकरण कराने बैंक पहुंचा व्यक्ति, खाते से गायब मिले ₹32.50 लाख

Team The420
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मोगा। पंजाब के मोगा में एक व्यक्ति के बैंक खाते से कथित तौर पर ₹32.50 लाख की अनधिकृत निकासी और विभिन्न खातों में हस्तांतरण का मामला सामने आया है। घटना का पता तब चला, जब खाताधारक कुलवंत सिंह अपनी परिपक्व हो चुकी सावधि जमा (एफडी) का नवीनीकरण कराने स्थानीय पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा पहुंचे। बैंक अधिकारियों के साथ खाते का विवरण और स्टेटमेंट देखने के दौरान उन्हें पता चला कि बड़ी रकम उनकी जानकारी और अनुमति के बिना अलग-अलग खातों में भेजी जा चुकी थी।

कुलवंत सिंह के मुताबिक, खाते में हुई गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उन्हें पता चला कि रकम को एक बार में नहीं, बल्कि कथित तौर पर कई लेनदेन के जरिए अलग-अलग बाहरी बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। संबंधित खातों और लेनदेन से वह परिचित नहीं थे। एफडी के नवीनीकरण के लिए बैंक पहुंचे ग्राहक को जब खाते में इतनी बड़ी राशि के गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल शाखा अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

बैंक अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने के बाद पीड़ित ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में साइबर धोखाधड़ी या खाते से अनधिकृत तरीके से रकम दूसरे खातों में भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, रकम किस तरीके से निकाली या स्थानांतरित की गई और इसके पीछे कौन लोग हैं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

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पुलिस अब संबंधित बैंक खाते की लेनदेन संबंधी जानकारी जुटा रही है। जांच में उन सभी खातों का विवरण खंगाला जा रहा है, जिनमें कथित तौर पर कुलवंत सिंह के खाते से रकम भेजी गई। इसके साथ ही लेनदेन की तारीख, समय, राशि और हस्तांतरण के माध्यम की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य रकम के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना और कथित तौर पर अनधिकृत लेनदेन करने वाले लोगों की पहचान करना है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, बैंक के लेनदेन रिकॉर्ड इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। खाते से रकम किस माध्यम से स्थानांतरित हुई, इसके लिए बैंकिंग प्रणाली के लॉग और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस उन खातों की भी पड़ताल कर रही है, जिनमें रकम पहुंची, ताकि उनके बीच किसी आपसी संबंध या एक संगठित लेनदेन श्रृंखला का पता लगाया जा सके।

मामले में यह भी जांच की जा रही है कि पीड़ित के बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी तरह अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंची थी या नहीं। पुलिस डिजिटल गतिविधियों और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित धोखाधड़ी ऑनलाइन माध्यम से हुई या बैंकिंग प्रणाली के किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया गया।

बैंक खाते से बड़ी रकम के अनधिकृत हस्तांतरण का मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सुरक्षा और खातों की नियमित निगरानी का मुद्दा भी सामने आया है। आम तौर पर ग्राहक अपने खातों में होने वाले लेनदेन की जानकारी बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल संदेश और अन्य बैंकिंग माध्यमों से प्राप्त कर सकते हैं। किसी अनधिकृत लेनदेन का पता चलने पर तत्काल बैंक को सूचना देना जांच और रकम की संभावित रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल पुलिस ने मामले को कथित वित्तीय और साइबर धोखाधड़ी के कोण से जांचना शुरू किया है। अधिकारियों द्वारा संदिग्ध खातों की पहचान और उनमें भेजी गई रकम की आगे की आवाजाही का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आएगा कि ₹32.50 लाख की पूरी रकम एक ही नेटवर्क से जुड़े खातों में गई या अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के खातों का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस के मुताबिक, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की पहचान और कथित धोखाधड़ी के तरीके का पता लगाना जांच का प्रमुख हिस्सा है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

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