₹2,000 करोड़ से अधिक के कथित SD Pay निवेश घोटाले की जांच में महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आने के बाद छत्रपति संभाजीनगर से एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।

₹2,000 करोड़ से ज्यादा के ‘एसडी पे’ घोटाले का महाराष्ट्र कनेक्शन, छत्रपति संभाजीनगर से आरोपी हिरासत में

Team The420
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वडोदरा। गुजरात पुलिस ने देशभर में लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े ‘एसडी पे’ निवेश घोटाले की जांच में महाराष्ट्र कनेक्शन का खुलासा किया है। वडोदरा साइबर क्राइम और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छत्रपति संभाजीनगर के गजानन नगर निवासी 32 वर्षीय नारायण अशोक कांगणे को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में कथित धोखाधड़ी से जुड़े ₹15 लाख पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, कांगणे ने कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था और बाद में उस खाते से रकम दूसरे खातों में भेजी गई।

जांच के मुताबिक, ‘एसडी पे’ नाम का आवेदन वर्ष 2024 में शुरू किया गया था। इसके जरिए लोगों को निवेश के बदले हर महीने 9% ब्याज और 30% कमीशन देने का कथित वादा किया जाता था। ऊंचे रिटर्न के इस लालच में बड़ी संख्या में लोगों से रकम निवेश कराने का आरोप है। शुरुआत में निवेशकों को भुगतान मिलने की बात सामने आई, लेकिन मार्च 2026 में आवेदन ने कथित तौर पर भुगतान करना बंद कर दिया। इसके बाद निवेशकों की शिकायतें सामने आने लगीं और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस जांच में इस कथित घोटाले का कुल आकार ₹2,000 करोड़ से अधिक होने की बात सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोगों ने बाद में आवेदन का नाम बदलकर ‘अपना पे’ कर दिया था। पुलिस इस बदलाव को भी जांच का हिस्सा बना रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि नाम बदलने के बाद भी कितने समय तक कथित तौर पर निवेशकों से रकम ली जाती रही।

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मामले में कथित मुख्य आरोपियों धवल पटेल और हीरेन शाह समेत नौ से अधिक लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब उन बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर निवेशकों से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में भेजा गया।

वडोदरा साइबर क्राइम विभाग ने ‘एसडी पे’ से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की थी। शिकायतकर्ताओं द्वारा ट्रांसफर की गई रकम का वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को पता चला कि पैसा छत्रपति संभाजीनगर के एक बैंक खाते में जमा हुआ था। इसके बाद जांच टीम ने बैंक खाते के धारक और उससे जुड़े लेन-देन की जानकारी जुटाई। वित्तीय कड़ी महाराष्ट्र तक पहुंचने के बाद वडोदरा साइबर क्राइम की टीम स्थानीय पुलिस के साथ छत्रपति संभाजीनगर पहुंची और कांगणे को हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक, कांगणे ने अपना बैंक खाता कथित तौर पर 5 से 10% कमीशन के बदले दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। जांच में आरोप है कि इसी खाते में कथित ठगी से हासिल रकम का एक हिस्सा जमा किया गया। इसके बाद रकम को दूसरे बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कांगणे के खाते से कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ और इस प्रक्रिया में अन्य कौन-कौन से खाते इस्तेमाल किए गए।

जांचकर्ताओं के अनुसार, कांगणे का संबंध धवल पटेल से भी सामने आया है। पुलिस ने पटेल को इस कथित निवेश घोटाले का प्रमुख आरोपी बताया है। जांच एजेंसियां अब दोनों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खातों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराने वाले अन्य लोग इस नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं।

पुलिस अब कथित घोटाले में शामिल अन्य बैंक खातों, धन के प्रवाह और निवेशकों से जुटाई गई रकम की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि ₹2,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही कथित धोखाधड़ी में वास्तविक नुकसान कितना हुआ और रकम किन-किन खातों या माध्यमों से आगे भेजी गई। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

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