नई दिल्ली। तुर्किये में अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा निवेश धोखाधड़ी के एक कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने इजरायल से कथित तौर पर जुड़े इस मामले में 133 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क 25 कंपनियों और करीब 40 कॉल सेंटर तथा वित्तीय कार्यालयों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि इन ठिकानों से निवेश गतिविधियों का हवाला देकर नागरिकों से रकम जुटाई जाती थी।
जांच के दौरान कुल 213 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के बाद 24 लोगों को रिहा कर दिया गया, जबकि 56 अन्य संदिग्धों के खिलाफ न्यायिक निगरानी के तहत कार्रवाई की गई। बाकी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान संदिग्धों से जुड़ी करीब 1.5 अरब तुर्की लीरा की संपत्ति जब्त की गई है। यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब ₹250 करोड़ से अधिक बैठती है। इसके अलावा 80 वाहन और 12 संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। जांच एजेंसियां अब कथित नेटवर्क में शामिल कंपनियों, कॉल सेंटरों और वित्तीय कार्यालयों के बीच लेनदेन तथा धन के प्रवाह की जांच कर रही हैं।
जांच में सामने आया कि कथित नेटवर्क निवेश के अवसरों का लालच देकर लोगों से पैसा हासिल करता था। विदेशी मुद्रा कारोबार के नाम पर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने लोगों से कुल कितनी रकम जुटाई गई और कथित धोखाधड़ी से सीधे तौर पर कितने लोग प्रभावित हुए।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
मामले में इजरायल से कथित संबंध भी जांच का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने नेटवर्क और इजरायल के बीच संबंधों को लेकर जांच शुरू की है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इस कथित संपर्क की पूरी प्रकृति या इसमें किसी सरकारी संस्था की भूमिका का कोई स्वतंत्र विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस स्तर पर इसे जांच एजेंसियों का आरोप ही माना जा रहा है।
तुर्किये में हाल के समय में निवेश और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर कार्रवाई तेज हुई है। फॉरेक्स और शेयर बाजार से जुड़े कथित घोटालों में पुलिस और वित्तीय जांच एजेंसियां कंपनियों के बैंक खातों, धन हस्तांतरण, डिजिटल संचार और निवेशकों से संपर्क के तरीकों की जांच कर रही हैं। मौजूदा मामले में भी बड़ी संख्या में कंपनियों और कॉल सेंटरों का सामने आना जांच को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकता है।
अधिकारियों द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में वाहनों और अचल संपत्तियों के अलावा अन्य परिसंपत्तियां भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित तौर पर निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम कहां भेजी गई और नेटवर्क में शामिल लोगों के बीच उसका किस तरह बंटवारा हुआ।
मामले में 133 संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला चरण कथित वित्तीय नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर केंद्रित है। अधिकारियों की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जांच केवल स्थानीय स्तर पर संचालित किसी एक कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि कई कंपनियों और संपर्क केंद्रों से जुड़े व्यापक नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
