गोरखपुर। नेपाल सीमा के सोनौली से पकड़े गए ब्रिटिश नागरिक जॉर्डन को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत के आदेश पर तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। अदालत ने उसे 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। जॉर्डन को 11 जुलाई 2026 को भारत-नेपाल सीमा पर बिना वीजा और पासपोर्ट के नेपाल जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। उसके खिलाफ सोनौली कोतवाली में मामला दर्ज है और इसकी सुनवाई महराजगंज की अदालत में चल रही है।
सीमा पर गिरफ्तारी के बाद जॉर्डन को महराजगंज जिला कारागार भेजा गया था। वहां कथित उपद्रव के बाद 29 जुलाई को उसे गोरखपुर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया। इसी दौरान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा थाने से उसे दिल्ली ले जाकर अदालत में पेश करने का आदेश मिला। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ एयरपोर्ट से फरार होने का अलग मामला दर्ज है।
13 सितंबर को गोरखपुर जेल प्रशासन को भेजे गए आदेश के बाद उसे दिल्ली ले जाया गया। 16 सितंबर को हवाईअड्डा थाना पुलिस ने उसे पटियाला हाउस अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया।
जॉर्डन पर दिल्ली एयरपोर्ट से फरार होने का मामला अक्टूबर 2025 से चल रहा है। 29 अक्टूबर 2025 को उसे थाईलैंड से ब्रिटेन भेजने की प्रक्रिया के तहत दिल्ली लाया गया था। ब्रिटेन के लिए आगे की उड़ान पकड़ने से पहले वह कथित तौर पर एयरपोर्ट से फरार हो गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीम, अपराध शाखा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, खुफिया ब्यूरो और आव्रजन से जुड़ी एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
जून 2026 तक तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका था। इसके बाद भी उसकी तलाश जारी रही। करीब नौ महीने बाद 11 जुलाई को वह सोनौली सीमा पर पकड़ा गया। सीमा पर तैनात एसएसबी की 22वीं वाहिनी ने उसे संदिग्ध परिस्थितियों में रोका। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद बिना वैध वीजा-पासपोर्ट भारत से नेपाल जाने की कोशिश के आरोप में उसके खिलाफ सोनौली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सोनौली मामले में आव्रजन और विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को महराजगंज की अदालत में प्रस्तावित है। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट से फरारी के मामले में उसे पटियाला हाउस अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत का आदेश जारी हुआ।
जांच में सामने आया है कि दिल्ली एयरपोर्ट से फरारी के मामले में उसके खिलाफ पहले भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एयरपोर्ट प्रशासन की शिकायत पर 31 अक्टूबर 2025 को हवाईअड्डा थाने में आव्रजन और विदेशी नागरिकों से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जॉर्डन की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली और महराजगंज में दर्ज दोनों मामलों की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग जारी रहेगी। सोनौली मामले में सीमा पार करने के प्रयास से जुड़े आरोपों की जांच हो रही है, जबकि दिल्ली का मामला एयरपोर्ट से फरार होने की घटना से संबंधित है। तिहाड़ भेजे जाने के बाद उसकी न्यायिक हिरासत में आगे की कार्रवाई दिल्ली की अदालत के आदेश के अनुसार होगी।
