कानपुर: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में सोमवार दोपहर क्राइम ब्रांच ने अचानक छापेमारी कर कथित दलाली नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। करीब 1:40 बजे भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने RTO कार्यालय के साथ सारथी भवन को भी जांच के घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान परिसर के दोनों प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और बाहरी लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
छापेमारी के दौरान करीब 22 संदिग्ध दलालों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही हैं और उनके दस्तावेजों तथा RTO परिसर में गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कार्यालय में कथित तौर पर सक्रिय दलाली व्यवस्था की कड़ियों का पता लगाना बताया जा रहा है।
अचानक पहुंची टीम, दोनों गेट बंद
सोमवार दोपहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और क्राइम ब्रांच की टीमों के अचानक RTO परिसर में पहुंचने से अफरातफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने परिसर के दोनों प्रवेश द्वार बंद करा दिए और अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी गई। पुलिस टीमों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच शुरू की।
क्राइम ब्रांच ने पकड़े गए लोगों को अलग-अलग स्थानों पर बैठाकर पूछताछ की। उनके पास मौजूद दस्तावेजों और RTO से जुड़े कामकाज की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सारथी भवन भी जांच के दायरे में
RTO कार्यालय के अलावा सारथी भवन में भी जांच की गई। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की रही कि कथित दलाल किन स्थानों पर सक्रिय थे और कार्यालय से जुड़े कौन-कौन से काम कराने में उनकी भूमिका थी।
जांच में पकड़े गए लोगों के दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध सामग्री की पड़ताल की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित दलाली नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हुए थे और ग्राहकों से किस तरह संपर्क किया जाता था।
हालांकि, क्राइम ब्रांच की ओर से फिलहाल पकड़े गए लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions
ड्रोन से पूरे परिसर पर नजर
छापेमारी के दौरान पुलिस ने ड्रोन की मदद से RTO परिसर की निगरानी भी की। परिसर के ऊपर ड्रोन उड़ाकर अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी गई।
माना जा रहा है कि निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्रवाई के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति परिसर के किसी हिस्से में छिपकर या दूसरे रास्ते से बाहर न निकल सके। पुलिस ने परिसर के खुले हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों पर भी नजर बनाए रखी।
दलाली नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच अब पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर कथित दलाली नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांचकर्ताओं का फोकस यह पता लगाने पर है कि RTO में कौन-कौन से काम कराने के लिए कथित तौर पर दलाल सक्रिय थे और उनके संपर्क में कौन लोग आते थे।
पुलिस पकड़े गए लोगों से बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच के जरिए नेटवर्क के संभावित सदस्यों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
