विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश में कथित शराब परिवहन घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व नागरिक आपूर्ति मंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) नेता करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने रविवार को हैदराबाद के कोंडापुर स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। मामला पिछली YSRCP सरकार के कार्यकाल में शराब परिवहन से जुड़ी कथित अनियमितताओं और करीब ₹195 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है।
ED की कार्रवाई के बाद नागेश्वर राव इस मामले में गिरफ्तार होने वाले चौथे आरोपी बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी इससे पहले उनके बेटे के. सुनील कुमार, आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (APSBCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक वासुदेव रेड्डी और राज्य सरकार के पूर्व IT सलाहकार कासिरेड्डी राजशेखर रेड्डी को गिरफ्तार कर चुकी है।
₹13 की जगह ₹35 प्रति किमी भुगतान का आरोप
ED की जांच के अनुसार, पिछली YSRCP सरकार के दौरान शराब की ढुलाई के लिए करीब ₹35 प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया था, जबकि जांच एजेंसी के मुताबिक उस समय प्रचलित दर लगभग ₹13 प्रति किलोमीटर थी। ED का आरोप है कि दरों में इस कथित अंतर के कारण सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा और इसी प्रक्रिया से जुड़े लेनदेन की मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी ने शराब परिवहन के लिए टेंडर जारी करने और ठेके आवंटित करने की प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेंडर प्रक्रिया में किन लोगों और संस्थाओं को लाभ पहुंचा, भुगतान की रकम किन खातों तक पहुंची और कथित अतिरिक्त भुगतान से किसी तरह की अवैध कमाई हुई या नहीं।
नागेश्वर राव से गिरफ्तारी के बाद मामले में उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उनके संपर्कों को लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें सोमवार को अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है।
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YSRCP नेताओं ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
नागेश्वर राव की गिरफ्तारी पर YSRCP नेताओं ने राज्य की TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्रियों चेल्लुबोयिना वेणुगोपाल कृष्णा, अनिल कुमार यादव और विददाला रजिनी ने संयुक्त बयान जारी कर गिरफ्तारी की निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और नागेश्वर राव को भी कथित शराब परिवहन अनियमितताओं के नाम पर निशाना बनाया गया है। नेताओं ने कहा कि नागेश्वर राव पार्टी के वरिष्ठ BC नेता हैं और उनके बेटे की गिरफ्तारी के बाद अब परिवार को भी कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
पूर्व मंत्रियों ने पिछली YSRCP सरकार के दौरान शराब की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी बताया। इसके साथ ही उन्होंने 2014 से 2019 के बीच तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू सरकार के कार्यकाल में शराब खरीद और बिक्री में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।
YSRCP नेताओं ने आरोप लगाया कि उस दौरान बार के लिए प्रिविलेज फीस खत्म की गई, चुनिंदा डिस्टिलरी से शराब खरीद को बढ़ावा दिया गया और TDP से जुड़े कथित सिंडिकेट को शराब की दुकानों पर प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेल्ट शॉप और परमिट रूम बढ़े तथा शराब की बिक्री अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ऊपर किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।
पूर्व मंत्रियों ने दावा किया कि बाद में नायडू के खिलाफ भी शराब की खरीद और बिक्री में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने YSRCP नेताओं और BC समुदाय से जुड़े नेताओं को कथित रूप से निशाना बनाए जाने की कार्रवाई रोकने की मांग की।
इस बीच, ED की जांच का मुख्य फोकस ₹195 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शराब परिवहन के ठेकों, भुगतान की दरों, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित वित्तीय लेनदेन पर बना हुआ है। नागेश्वर राव से पूछताछ के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है।
