वॉशिंगटन: अमेरिका सरकार ने Kansas में रहने वाले भारतीय मूल के एक व्यक्ति के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का आरोप है कि उसने अपनी पिछली आव्रजन जानकारी छिपाकर और अलग पहचान का इस्तेमाल कर अमेरिकी नागरिकता हासिल की। अमेरिकी सरकार ने नागरिकता रद्द करने के साथ उसका Naturalisation Certificate भी निरस्त करने की मांग की है। मामला Harinder Singh के खिलाफ दायर किया गया है, जिसे Harinder Singh Sanghera और Rushpal Singh के नाम से भी जाना जाता है।
US Attorney’s Office for the District of Kansas के अनुसार, सरकार ने 7 अगस्त को नागरिक डिनैचुरलाइजेशन कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी कानून के तहत यदि किसी व्यक्ति ने नागरिकता गैरकानूनी तरीके से हासिल की हो या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर अथवा जानबूझकर गलत जानकारी देकर Naturalisation प्राप्त किया हो, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।
सरकारी शिकायत के अनुसार, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों का पहली बार सामना इस व्यक्ति से 1991 में New York के John F. Kennedy International Airport पर हुआ था। उस समय उसने कथित तौर पर अपनी पहचान Rushpal Singh के रूप में बताई थी। इसके बाद उसके खिलाफ आव्रजन कार्रवाई शुरू हुई। अगस्त 1995 में एक Immigration Judge ने उसे अमेरिका से निर्वासित करने का आदेश दिया था। बाद में Board of Immigration Appeals ने भी इस आदेश को बरकरार रखा।
हालांकि, अमेरिकी सरकार का कहना है कि उसके पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह साबित हो कि निर्वासन आदेश के बाद Singh वास्तव में अमेरिका से बाहर गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद उसने कथित तौर पर एक अलग पहचान के साथ अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में दोबारा आवेदन किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जून 1996 में उसने Harinder Singh के नाम से नया Immigration Application दाखिल किया। सरकार का दावा है कि उसने केवल अपना नाम ही नहीं बदला, बल्कि जन्मतिथि, अमेरिका में प्रवेश की तारीख और अपने आव्रजन दावे का आधार भी बदल दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह आवेदन बाद में मंजूर कर लिया गया।
अक्टूबर 2000 में Singh को Harinder Singh की पहचान के तहत Lawful Permanent Resident यानी स्थायी निवासी का दर्जा मिल गया। इसके आठ साल बाद 2008 में उसने इसी पहचान और आव्रजन इतिहास के आधार पर अमेरिकी नागरिकता हासिल कर ली।
अब अमेरिकी सरकार का आरोप है कि नागरिकता के लिए आवेदन करते समय Singh ने अपनी पिछली आव्रजन गतिविधियों और Rushpal Singh नाम से हुई कार्रवाई का खुलासा नहीं किया। सरकार का तर्क है कि यह जानकारी Naturalisation प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण थी और इसे छिपाने के कारण नागरिकता कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल हुई।
सरकार ने अदालत से Singh की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने, उसे नागरिकता प्रदान करने वाले आदेश को निरस्त करने और उसका Naturalisation Certificate रद्द करने की मांग की है। यह मामला फिलहाल नागरिक कानूनी कार्रवाई के रूप में चल रहा है। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में नागरिकता रद्द करने से जुड़े मामलों में तेजी देखी जा रही है। US Attorney’s Office के अनुसार, 20 जनवरी 2025 से Justice Department ने करीब 123 Civil Denaturalisation Complaints दाखिल की हैं। विभाग ने इसे रिकॉर्ड में अब तक की सबसे बड़ी संख्या बताया है।
Denaturalisation और Deportation अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। Deportation आम तौर पर किसी गैर-अमेरिकी नागरिक को देश से बाहर भेजने से संबंधित होती है, जबकि Denaturalisation पहले से मिली अमेरिकी नागरिकता को रद्द करने की प्रक्रिया है। सरकार को यह स्थापित करना होता है कि नागरिकता गैरकानूनी तरीके से हासिल की गई थी या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने अथवा गलत जानकारी देने के कारण प्रदान की गई थी।
Kansas का यह मामला अब अदालत की प्रक्रिया से गुजरेगा। अंतिम निर्णय साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगा। यदि सरकार अपने आरोप साबित करने में सफल रहती है, तो Singh की Naturalised US Citizenship रद्द की जा सकती है और उसका नागरिकता प्रमाणपत्र निरस्त किया जा सकता है।
मामला यह भी दर्शाता है कि अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में पुराने नाम, पहचान, प्रवेश रिकॉर्ड और पूर्व कानूनी कार्रवाई जैसी जानकारियों का पूरा खुलासा कितना महत्वपूर्ण है। आव्रजन आवेदन में किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने या व्यक्तिगत जानकारी में गंभीर विसंगति सामने आने पर बाद में मिली स्थायी निवास की स्थिति और नागरिकता दोनों कानूनी जांच के दायरे में आ सकती हैं।
