नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तीन विदेशी नागरिक, एक महिला और दिल्ली का एक युवक शामिल है। इनके कब्जे और निशानदेही पर करीब ₹12 करोड़ कीमत की हेरोइन और एमडीएमए (MDMA) बरामद की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ड्रग्स की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली (52), इबेग्गू चिगोजी सैमुअल (50), घाना निवासी इमैनुअल (38), दिल्ली निवासी समीर (28) और लेडी (36) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और एमडीएमए की थोक और खुदरा सप्लाई से जुड़ा था।
अस्पताल के पास ड्रग्स की खेप पहुंचाने आया था आरोपी
अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि मोरिस ओकाली दिल्ली के शाहदरा इलाके में ड्रग्स की खेप पहुंचाने के लिए आने वाला है। सूचना के मुताबिक, वह 19 और 20 जुलाई की दरमियानी रात एक अस्पताल के पास पहुंचने वाला था। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
बताया गया है कि पुलिस ने घेराबंदी के दौरान ओकाली को काले रंग का शोल्डर बैग लेकर जाते हुए पकड़ा। तलाशी लेने पर बैग से 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की जांच के बाद पुलिस ने अपराध शाखा के संबंधित थाने में मामला दर्ज किया और आरोपी से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों के नाम
पुलिस के मुताबिक, ओकाली से पूछताछ के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। उसकी निशानदेही पर 23 जुलाई को चंदर विहार और निलोठी इलाके में कार्रवाई की गई। इस दौरान घाना के नागरिक इमैनुअल और नाइजीरियाई नागरिक इबेग्गू चिगोजी सैमुअल को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने सैमुअल के कब्जे से 254 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया है। वहीं, इमैनुअल के पास से 14 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि ड्रग्स उन्हें किससे मिलती थी और दिल्ली-एनसीआर में किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी।
31 जुलाई को दो और आरोपी गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपियों समीर और लेडी को भी गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी 31 जुलाई को की गई। पुलिस के अनुसार, समीर को गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके से पकड़ा गया।
अपराध शाखा अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, बैंकिंग लेनदेन और एक-दूसरे से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद ड्रग्स की खेप कहां से आई थी और इसे दिल्ली-एनसीआर के किन इलाकों में पहुंचाया जाना था।
थोक और खुदरा सप्लाई का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि आरोपी केवल एक-दूसरे के संपर्क में रहकर काम नहीं कर रहे थे, बल्कि ड्रग्स की सप्लाई के लिए अलग-अलग स्तरों पर नेटवर्क संचालित था। इसमें थोक स्तर पर मादक पदार्थ हासिल करने से लेकर छोटे स्तर पर ग्राहकों तक पहुंचाने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले कितनी ड्रग्स की खेप दिल्ली-एनसीआर में खपाई थी। विदेशी नागरिकों की भूमिका को देखते हुए जांच एजेंसियां उनके भारत में संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
अपराध शाखा के अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। बरामद हेरोइन और एमडीएमए के स्रोत तथा संभावित खरीदारों की पहचान जांच का प्रमुख हिस्सा है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों के डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
