देहरादून: साइबर ठगों ने देहरादून में अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को निशाना बनाकर करीब ₹4.13 लाख की कथित ठगी कर ली। एक मामले में डॉक्टर की ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर पीड़ित परिवार से एप डाउनलोड कराया गया और इसके बाद बैंक खाते से ₹2,97,999 रुपये निकल गए। दूसरे मामले में ₹5,000 का गिफ्ट कार्ड जीतने का झांसा देकर शिपिंग शुल्क के नाम पर भुगतान कराया गया और बाद में Google Pay के जरिए कुल ₹1.08 लाख ट्रांसफर करा लिए गए। दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टर का नंबर खोजते समय मिला संदिग्ध मोबाइल नंबर
नेहरू कॉलोनी क्षेत्र की रहने वाली ममता देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 जुलाई को उनके पति ने देहरादून में डॉक्टर रवि लाल का फोन नंबर ऑनलाइन खोजा था। इस दौरान उन्हें इंटरनेट सर्च के जरिए एक मोबाइल नंबर मिला। उस नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने डॉक्टर की ऑनलाइन बुकिंग के लिए अपॉइंटमेंट कराने की बात कही।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद ठगों ने ममता देवी के बेटे के मोबाइल नंबर पर WhatsApp के जरिए संपर्क किया। बातचीत के दौरान एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। कथित ठगों ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए ₹10 की टोकन मनी भेजने को कहा। परिवार ने भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन लेनदेन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने बातचीत बंद कर दी।
परिवार को उस समय किसी बड़ी धोखाधड़ी का अंदेशा नहीं हुआ। लेकिन 5 अगस्त को जब बैंक खाते से रकम भेजने की जरूरत पड़ी तो खाते में मौजूद राशि को लेकर स्थिति सामने आई। जांच करने पर पता चला कि खाते से ₹2,97,999 रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद पीड़ित ने 6 अगस्त को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
एप डाउनलोड कराने के बाद खाते से निकली रकम
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगों ने किस तरीके से खाते तक पहुंच बनाई और रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। एप डाउनलोड कराने और उसके बाद हुए लेनदेन की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
इस मामले में बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डिवाइस, डाउनलोड किए गए एप और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच से ठगी की पूरी प्रक्रिया सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि इस वारदात के पीछे अकेला व्यक्ति था या किसी संगठित साइबर गिरोह की भूमिका थी।
₹5,000 के गिफ्ट कार्ड का झांसा
दूसरे मामले में तनाज बख्शी ने पुलिस को बताया कि 7 अगस्त को कुछ लोगों ने फोन कर उन्हें ₹5,000 का गिफ्ट कार्ड जीतने की जानकारी दी। कथित आरोपियों ने गिफ्ट कार्ड भेजने के लिए शिपिंग शुल्क जमा कराने की बात कही।
शिकायत के अनुसार, पहले ₹899 और बाद में ₹1,045 का भुगतान कराया गया। इसके बाद कथित ठगों ने Google Pay में प्रोमो कोड डालने की प्रक्रिया बताई। इसी दौरान पीड़ित से उसके खाते से ₹90,000 और ₹18,000 की रकम ट्रांसफर करा ली गई।
इस तरह दूसरे मामले में कुल ₹1.08 लाख की कथित धोखाधड़ी हुई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
डिजिटल ठगी में बढ़ रही सोशल इंजीनियरिंग
दोनों घटनाओं में ठगों ने सीधे बैंकिंग जानकारी मांगने के बजाय पहले भरोसा कायम करने की कोशिश की। पहले मामले में डॉक्टर की अपॉइंटमेंट जैसी सामान्य जरूरत को आधार बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में इनाम और गिफ्ट कार्ड का लालच दिया गया।
ऐसे मामलों में साइबर अपराधी अक्सर पीड़ित को किसी एप, भुगतान या डिजिटल प्रक्रिया में उलझाकर उससे ऐसे कदम उठवा लेते हैं, जिनका इस्तेमाल बाद में रकम निकालने के लिए किया जा सकता है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि दोनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल माध्यम आपस में जुड़े हैं या नहीं।
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड और रकम के ट्रांजैक्शन की जांच के बाद ही आरोपितों की पहचान और कथित ठगी की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी।
