सलेम: तमिलनाडु के सलेम जिले में ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी और कमीशन आधारित कमाई का झांसा देकर दो महिलाओं से कुल ₹14.05 लाख की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। दोनों महिलाओं को सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन काम और निवेश से अधिक मुनाफे का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि साइबर ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई और बाद में पैसा वापस लेने के लिए भी अतिरिक्त राशि की मांग की। दोनों मामलों में जिला साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला थलैवासल इलाके का है, जहां रहने वाली 32 वर्षीय महिला को जुलाई 2026 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पार्ट-टाइम नौकरी से संबंधित एक संदेश मिला। संदेश में उसे ट्रेडिंग से जुड़े कुछ टास्क पूरे करने और प्रत्येक टास्क के बदले कमीशन कमाने का प्रस्ताव दिया गया था। महिला ने इसे रोजगार का अवसर समझकर बताए गए निर्देशों का पालन करना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, महिला को कथित तौर पर अलग-अलग ट्रेडिंग टास्क पूरे करने के नाम पर रकम जमा करने के लिए कहा गया। ऑनलाइन बातचीत के दौरान उसे यह भरोसा दिलाया गया कि निवेश की गई राशि पर कमीशन मिलेगा और आगे बढ़ने के साथ कमाई भी बढ़ेगी। इस भरोसे में आकर महिला ने अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल ₹8.53 लाख पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
रकम भेजने के बाद जब महिला ने अपना पैसा वापस लेने की कोशिश की तो कथित तौर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे और रकम की मांग की। उसे बताया गया कि पैसे निकालने या वापस प्राप्त करने के लिए प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होगा। इसके बाद महिला को ठगी का संदेह हुआ और उसने आगे कोई रकम देने के बजाय साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
महिला ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को जिला साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसके बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया के जरिए हुई बातचीत की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि जिन पांच बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनके वास्तविक धारकों और रकम के आगे के लेनदेन का पता लगाया जा सके।
दूसरा मामला एडप्पाडी इलाके की 33 वर्षीय महिला से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, मार्च 2026 में महिला ने सोशल मीडिया पर कमीशन आधारित नौकरी का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में निवेश के बदले अधिक मुनाफा मिलने का दावा किया गया था। महिला ने विज्ञापन में दिए गए संपर्क के जरिए अज्ञात व्यक्ति से बात की।
आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला को निवेश पर बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद उसने बताए गए निर्देशों के अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹5.52 लाख ट्रांसफर कर दिए। रकम जमा करने के बावजूद उसे कथित तौर पर वह मुनाफा या भुगतान नहीं मिला जिसका वादा किया गया था।
जब महिला को लगा कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने भी मामले की शिकायत पुलिस से की। उसने शुक्रवार को जिला साइबर क्राइम पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों घटनाओं के संबंध में अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
दोनों मामलों में ठगी का तरीका सोशल मीडिया आधारित ऑनलाइन जॉब और निवेश योजनाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में साइबर अपराधी पहले पीड़ितों को पार्ट-टाइम नौकरी, ट्रेडिंग टास्क या कमीशन के जरिए आसान कमाई का भरोसा देते हैं। शुरुआत में छोटे भुगतान या कमीशन का दिखावा कर विश्वास बनाया जा सकता है। इसके बाद बड़ी रकम जमा कराने और भुगतान जारी रखने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगने की रणनीति अपनाई जाती है।
सलेम साइबर क्राइम पुलिस अब दोनों शिकायतों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि दोनों मामलों में इस्तेमाल किए गए खातों का आपस में कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि रकम आगे किन खातों में भेजी गई और क्या इसके पीछे कोई संगठित साइबर ठगी नेटवर्क सक्रिय है। आगे की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
