118 अभ्यर्थियों से ₹1.50 से ₹2 लाख तक वसूले जाने का आरोप; कई जिलों में फैले कथित भर्ती रैकेट की जांच तेज, एजेंटों की भूमिका भी जांच के दायरे में

परिषदीय विद्यालयों में योग शिक्षक भर्ती के नाम पर ₹2 करोड़ से अधिक की कथित ठगी, संस्था संचालक समेत नौ के खिलाफ मामला दर्ज

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By Roopa
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आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में परिषदीय विद्यालयों में योग शिक्षकों की नियुक्ति के नाम पर कथित तौर पर ₹2 करोड़ से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली स्थित संस्था मैक्स आइडिया मेडिटेशन के संचालक गणेश उपाध्याय और उसके आठ कथित एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 118 अभ्यर्थियों से सरकारी विद्यालयों में योग शिक्षक के रूप में नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम वसूली गई। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क, धन के प्रवाह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार कथित फर्जीवाड़ा आजमगढ़ के अलावा पूर्वांचल के कई अन्य जिलों तक फैला हुआ हो सकता है। आरोप है कि दिल्ली की संस्था ने परिषदीय विद्यालयों में निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए योग शिक्षकों की तैनाती का दावा करते हुए अभ्यर्थियों से संपर्क किया। संस्था ने कथित रूप से यह भरोसा दिलाया कि चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी विद्यालयों में योग प्रशिक्षण देने का अवसर मिलेगा। इसी आधार पर बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया और विभिन्न मदों के नाम पर धनराशि जमा कराई।

जांच में यह भी सामने आया है कि संस्था ने कथित तौर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय से जारी एक पत्र का उपयोग कर अपनी विश्वसनीयता बढ़ाई। इसके बाद संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी पत्र जारी किया गया, जिससे अभ्यर्थियों के बीच यह विश्वास बना कि पूरी प्रक्रिया आधिकारिक है। पुलिस का आरोप है कि इसी कथित व्यवस्था का लाभ उठाकर संस्था और उसके एजेंटों ने प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग ₹1.50 लाख से ₹2 लाख तक की राशि वसूल की। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस तरह कुल वसूली ₹2 करोड़ से अधिक हो गई।

प्राथमिकी के अनुसार संस्था के संचालक गणेश उपाध्याय ने आजमगढ़ के पुरानी बस्ती, मुबारकपुर निवासी संदीप गुप्ता को जिला प्रभारी तथा रितेश वर्मा को जिला समन्वयक नियुक्त किया था। जांच में आरोप है कि गणेश उपाध्याय ने रितेश वर्मा से भी ₹1.50 लाख लिए और उसकी पत्नी को योग शिक्षक नियुक्त कराने के नाम पर अतिरिक्त ₹1 लाख की मांग कर राशि प्राप्त की। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जिला स्तर पर नियुक्त अन्य एजेंटों ने कितने अभ्यर्थियों से धन एकत्र किया और यह राशि किन बैंक खातों में जमा कराई गई।

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पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले ही मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस से की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में मामले के सार्वजनिक रूप से सामने आने और शिकायतों की दोबारा समीक्षा के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के आधार पर संस्था संचालक और उसके आठ कथित एजेंटों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया गया।

पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित ठगी से प्राप्त धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस कथित भर्ती प्रक्रिया में अन्य व्यक्ति, संस्थाएं या मध्यस्थ भी शामिल थे। यदि जांच में अतिरिक्त संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं हो सकता और पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की शिकायतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि किसी भी सरकारी भर्ती, नियुक्ति या प्रशिक्षण कार्यक्रम में आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और प्रक्रिया का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध वित्तीय, डिजिटल तथा दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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