सीआईएसएफ की कार्रवाई में 85 छापे, पांच गिरफ्तार और एक एफआईआर दर्ज; झारखंड में सबसे अधिक मामले, धनबाद बना अवैध खनन का प्रमुख केंद्र

कोयला चोरी पर बड़ा अभियान: एक सप्ताह में 1,277 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त, 40 वाहन सीज

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By Roopa
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नई दिल्ली: देश में अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ा अभियान चलाया है। शून्य कोयला रिसाव के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चलाए गए इस अभियान के तहत 20 से 26 जुलाई के बीच देशभर में कार्रवाई करते हुए 1,277 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया है। इस दौरान 85 छापेमारी की गई, एक एफआईआर दर्ज की गई, पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 40 वाहनों को जब्त किया गया।

सीआईएसएफ की रिपोर्ट के अनुसार, अवैध कोयला खनन और परिवहन के ज्यादातर मामले झारखंड से जुड़े हैं। कुल मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक मामले झारखंड में सामने आए हैं, जबकि इनमें करीब 60 प्रतिशत मामले धनबाद जिले से संबंधित हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े क्षेत्रों में कुल कार्रवाई का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है। धनबाद में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और परिवहन की घटनाएं सबसे अधिक पाई गई हैं।

सीआईएसएफ ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के प्रावधानों के तहत यह अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन, चोरी और बिना अनुमति कोयला परिवहन पर रोक लगाना है। इसके लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में छापेमारी की गई और तकनीकी निगरानी के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

कार्रवाई के दौरान बीसीसीएल धनबाद क्षेत्र में सबसे बड़ी बरामदगी हुई। यहां 14 छापे मारकर 771 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक वाहन भी जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से कोयला चोरी के मामलों को लेकर संवेदनशील माना जाता है।

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL), शीलपुर उत्तर पूर्वी सेक्टर-II क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां 51 छापे मारे गए, जिनमें 341 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। इसके अलावा अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 34 वाहनों को जब्त किया गया। सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि कोयले की चोरी रोकने के लिए परिवहन मार्गों और खनन क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।

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सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के करगली क्षेत्र में 11 छापों के दौरान 145 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। वहीं, पिपरवार क्षेत्र में छह अभियानों में 20 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया। इस कार्रवाई में एक एफआईआर दर्ज की गई और तीन वाहन भी जब्त किए गए। इसके अलावा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), बिलासपुर क्षेत्र में तीन छापे मारे गए, जहां तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो वाहन जब्त किए गए।

सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खुफिया जानकारी जुटाने, तकनीकी निगरानी, स्थानीय प्रशासन और कोयला कंपनियों के साथ समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है। बल का उद्देश्य कोयला आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बनाए रखना और संगठित चोरी करने वाले गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कोयला खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण और खनन क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। संगठित गिरोह अक्सर स्थानीय नेटवर्क की मदद से चोरी किए गए कोयले को बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

सीआईएसएफ ने कहा है कि देश के महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। बल अवैध खनन, कोयला चोरी और अनधिकृत परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कोयला कंपनियों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

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