समस्तीपुर: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल के DRM कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम ने समस्तीपुर रेल मंडल के कार्मिक विभाग में सहायक कार्मिक अधिकारी (APO-2) के पद पर तैनात अरुण कुमार मंडल को ₹50 हजार रिश्वत स्वीकार करते समय पकड़ा। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामले में एक कर्मचारी से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता रेलवे के डीलिंग क्लर्क अमृत राज ने आरोप लगाया था कि सहायक कार्मिक अधिकारी ने ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े काम के लिए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत लगभग 45 दिन पहले सीबीआई को दी गई थी, जिसके बाद जांच एजेंसी ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
सीबीआई की नौ सदस्यीय टीम ने बुधवार को समस्तीपुर रेल मंडल के DRM कार्यालय में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। टीम ने पहले मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद तय योजना के तहत आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में काफी देर तक जांच और पूछताछ का सिलसिला चलता रहा।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने आरोपी अधिकारी के सरकारी आवास की भी तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों को एक बिना लाइसेंस की पिस्टल, दो मैगजीन और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए। हथियार और गोला-बारूद से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने के बाद सीबीआई ने मामले को गंभीर मानते हुए स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी।
बरामद हथियार के मामले में सीबीआई के एएसआई सुनील कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर नगर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार अधिकारी के पास कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
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रिश्वत मामले में गिरफ्तार किए गए अरुण कुमार मंडल से सीबीआई पूछताछ कर रही है। वहीं शिकायतकर्ता डीलिंग क्लर्क अमृत राज से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत की मांग केवल एक मामले तक सीमित थी या फिर विभाग में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अधिकारी के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर सकती है। सीबीआई यह भी खंगाल रही है कि क्या ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े अन्य मामलों में भी किसी तरह की अनियमितता हुई है।
इस कार्रवाई के बाद रेलवे प्रशासन में भी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि सीबीआई की ओर से रेलवे अधिकारियों को अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक रिपोर्ट या पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई बरामद दस्तावेजों, पूछताछ तथा वित्तीय जांच के आधार पर की जाएगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या यह केवल एक अधिकारी तक सीमित है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
