नई दिल्ली: अमेरिका की प्रमुख साइबर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों—फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई), नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (एनएसए), साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (सीआईएसए) और अमेरिकी ऊर्जा विभाग—ने संयुक्त रूप से एक गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। एजेंसियों का दावा है कि ईरान समर्थित हैकर समूह अमेरिकी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से जल आपूर्ति और ऊर्जा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों (Industrial Control Systems-ICS) को निशाना बना रहे हैं। चेतावनी में कहा गया है कि इंटरनेट से सीधे जुड़े लगभग सभी औद्योगिक नियंत्रण उपकरण संभावित रूप से साइबर हमलों के जोखिम में हो सकते हैं।
संयुक्त परामर्श के अनुसार हमलावर विशेष रूप से प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को निशाना बना रहे हैं। ये विशेष कंप्यूटर औद्योगिक मशीनों, वाल्व, पंप, स्विच और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के संचालन को नियंत्रित करते हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक हमलावर डिस्प्ले डेटा और प्रोग्रामिंग लॉजिक में बदलाव कर नियंत्रण प्रणालियों को असामान्य और संभावित रूप से खतरनाक स्थिति में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऑपरेटरों को वास्तविक स्थिति का तुरंत पता नहीं चल पाता।
चेतावनी में कहा गया है कि कुछ मामलों में हमलावरों ने ह्यूमन मशीन इंटरफेस (HMI) और सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (SCADA) डिस्प्ले पर प्रदर्शित डेटा में छेड़छाड़ की। इसके परिणामस्वरूप कई औद्योगिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं और संबंधित संगठनों को परिचालन व्यवधान के साथ वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ा। एजेंसियों ने कहा कि ऐसे हमले केवल डिजिटल नेटवर्क तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर भी असर डाल सकते हैं।
नवीनतम सुरक्षा सलाह में यह भी बताया गया है कि हमलावर पुन: उपयोग किए जाने वाले कोड मॉड्यूल का दुरुपयोग कर औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों में बदलाव करने का प्रयास कर रहे हैं। जांच के दौरान रॉकवेल ऑटोमेशन के साथ-साथ श्नाइडर इलेक्ट्रिक, सीमेंस और अन्य कंपनियों के पीएलसी उपकरणों को भी संभावित लक्ष्य के रूप में चिन्हित किया गया है। हालांकि एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट से सीधे जुड़े किसी भी ब्रांड के पीएलसी उपकरण जोखिम में हो सकते हैं।
अमेरिकी एजेंसियों ने सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संचालकों को तत्काल सुरक्षा समीक्षा करने, औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों को सार्वजनिक इंटरनेट से अलग करने और सुरक्षित गेटवे तथा फायरवॉल का उपयोग सुनिश्चित करने की सलाह दी है। इसके अलावा मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करने, सिस्टम लॉग की नियमित जांच करने तथा संदिग्ध नेटवर्क गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) उपकरणों से जुड़े पोर्ट 44818, 2222, 102 और 502 पर असामान्य ट्रैफिक की निगरानी करने को कहा गया है।
एजेंसियों ने संगठनों को यह भी सलाह दी है कि यदि किसी पीएलसी में संदिग्ध बदलाव दिखाई दें या साइबर हमले की आशंका हो तो संबंधित निर्माता और संघीय एजेंसियों से तुरंत संपर्क किया जाए। रॉकवेल ऑटोमेशन उपकरणों के लिए कंट्रोलर के फिजिकल मोड स्विच को सुरक्षित रन पोजिशन में रखने की भी सिफारिश की गई है, ताकि अनधिकृत बदलावों की संभावना कम हो सके।
Algoritha Security के एक शोधकर्ता के अनुसार औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों पर होने वाले साइबर हमले पारंपरिक डेटा चोरी से कहीं अधिक गंभीर होते हैं क्योंकि इनका सीधा प्रभाव बिजली उत्पादन, जल आपूर्ति, विनिर्माण और सार्वजनिक सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे हमलों से बचाव के लिए आईटी और ओटी नेटवर्क को अलग रखना, नियमित सुरक्षा अपडेट लागू करना, इंटरनेट एक्सपोजर कम करना और निरंतर सुरक्षा निगरानी आवश्यक है।
एफबीआई, एनएसए, सीआईएसए और अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संचालकों से अपील की है कि वे अपनी औद्योगिक प्रणालियों की तत्काल सुरक्षा जांच करें, संभावित कमजोरियों को दूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित एजेंसियों को तुरंत दें, ताकि बड़े पैमाने पर साइबर व्यवधान को रोका जा सके।
