हर महीने 10–12 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर ड्राइवर सहित कई लोगों से निवेश कराने का आरोप; बैंक खाते, पहचान दस्तावेज और कार जब्त, फरार सहयोगी की तलाश जारी

₹19 लाख के शेयर ट्रेडिंग निवेश घोटाले में महिला गिरफ्तार, 28 महीने में रकम चार गुना करने का झांसा देकर निवेशकों से ठगी का आरोप

Roopa
By Roopa
5 Min Read

दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की उतई पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर कथित तौर पर ₹19 लाख की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी निवेशकों को 28 महीने में उनकी निवेश राशि चार गुना करने तथा हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न देने का दावा करती थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान तृप्ति साहू के रूप में हुई है। आरोप है कि वह स्वयं को रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी की प्रमुख बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करती थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि वह पहले निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए छोटी-छोटी रकम लौटाती थी और बाद में उनसे बड़ी राशि निवेश कराती थी। जांच के दौरान उसके कई बैंक खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि निवेशकों से प्राप्त धन का इस्तेमाल कथित तौर पर निजी खर्चों के लिए किया गया।

मामले की शुरुआत एक ड्राइवर की शिकायत से हुई, जिसने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला ने दावा किया था कि उसकी कंपनी शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से 28 महीने में निवेश की गई राशि चार गुना कर देती है। इस दावे से प्रभावित होकर उसने 28 फरवरी 2024 को आरोपी को ₹5 लाख नकद दिए। लगभग एक महीने बाद आरोपी ने उसे ₹45,000 लौटाए, जिससे शिकायतकर्ता का भरोसा और बढ़ गया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती भुगतान मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने अधिक मुनाफे की उम्मीद में एक्सिस बैंक से ₹15 लाख का ऋण लिया। 28 मार्च 2024 को उसने इस राशि में से ₹14 लाख निखिल पिल्लई के एचडीएफसी बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निवेशकों को अन्य लोगों को योजना से जोड़ने पर अतिरिक्त कमाई और प्रोत्साहन राशि का लालच देती थी।

Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference

इसी विश्वास में शिकायतकर्ता ने अपने भाई, एक मित्र और एक रिश्तेदार से भी लगभग ₹4 लाख निवेश कराए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने उनके नाम पर अलग-अलग निवेश आईडी बनाई थीं, जिससे पूरी योजना एक वैध निवेश प्लेटफॉर्म जैसी दिखाई देती थी। हालांकि, जांचकर्ताओं का आरोप है कि किसी भी निवेशक को न तो वादा किया गया मासिक रिटर्न मिला और न ही उनकी मूल निवेश राशि वापस की गई।

जब निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी लौटाने की मांग की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच की तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, पैन कार्ड, आधार कार्ड और एक कार जब्त की है। जब्त किए गए वित्तीय और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित निवेश योजना में कितने लोगों से धन जुटाया गया और कुल लेनदेन कितना हुआ। पुलिस ने बताया कि निखिल पिल्लई की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि अवास्तविक और निश्चित मुनाफे का वादा करने वाली निवेश योजनाएं अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी का संकेत होती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी का पंजीकरण, नियामकीय स्थिति और निवेश मॉडल की स्वतंत्र रूप से जांच करें। यदि कोई संस्था बिना जोखिम बताए अत्यधिक या निश्चित रिटर्न का दावा करे, तो सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस तथा संबंधित नियामकीय एजेंसियों को दें।

हमसे जुड़ें

Share This Article