21 जून की पुनर्परीक्षा से पहले आधिकारिक संचार व्यवस्था सक्रिय; लीक प्रश्नपत्र, फर्जी उत्तर कुंजी और भुगतान आधारित प्रवेश के झूठे दावों से दूर रहने की चेतावनी

NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA ने शुरू की सत्यापित WhatsApp सेवा, छात्रों को फर्जी संदेशों और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने अभ्यर्थियों तक आधिकारिक सूचनाएं पहुंचाने के लिए एक सत्यापित WhatsApp संचार सेवा शुरू की है। इसके साथ ही एजेंसी ने छात्रों को फर्जी संदेशों, नकली WhatsApp खातों और परीक्षा से जुड़े ऑनलाइन ठगी के प्रयासों से सतर्क रहने की सलाह दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब देश की सबसे प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में से एक की तैयारी कर रहे लाखों छात्र साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं।

NTA के अनुसार, 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा से संबंधित सभी आधिकारिक WhatsApp संदेश केवल एजेंसी के सत्यापित खाते से भेजे जाएंगे। अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले “National Testing Agency” नाम और ब्लू वेरिफिकेशन टिक की जांच अवश्य करें।

एजेंसी ने बताया कि +91 78279 80287 ही WhatsApp के माध्यम से संचार के लिए उसका एकमात्र आधिकारिक नंबर है। अधिकारियों ने कहा कि NTA के नाम से किसी अन्य नंबर से आने वाले संदेशों को संदिग्ध मानकर नजरअंदाज किया जाना चाहिए।

NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों ने 21 जून की पुनर्परीक्षा के लिए संशोधित एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लिया है, उन्हें दोबारा ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में भेजे जा रहे SMS, ईमेल और WhatsApp संदेश मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए हैं जिन्होंने अभी तक अपना नया एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है।

एजेंसी ने दोहराया कि 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं हैं। पुनर्परीक्षा के लिए कई छात्रों को उनके पसंदीदा शहरों में नए परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसलिए उम्मीदवारों को 21 जून की परीक्षा के लिए जारी नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंट परीक्षा केंद्र पर साथ ले जाना होगा।

सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फैल रहे भ्रामक दावों और फर्जी परीक्षा सामग्री को देखते हुए NTA ने एक सख्त एडवाइजरी भी जारी की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उसकी WhatsApp सेवा केवल एकतरफा सूचना प्रसारण (ब्रॉडकास्ट) के लिए है और इसका उपयोग केवल परीक्षा संबंधी अपडेट साझा करने के लिए किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अभ्यर्थी से WhatsApp के माध्यम से जवाब देने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने, OTP बताने या किसी प्रकार का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाएगा। ऐसी किसी भी मांग को धोखाधड़ी माना जाना चाहिए।

एजेंसी के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सरकारी संस्थानों और शैक्षणिक निकायों का रूप धारण कर छात्रों एवं अभिभावकों को निशाना बनाते हैं। फर्जी हेल्पलाइन नंबर, नकली ईमेल, भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट और जाली वेबसाइटों के माध्यम से संवेदनशील जानकारी हासिल करने या धन ठगने की कोशिश की जाती है।

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NTA ने उम्मीदवारों को यह भी याद दिलाया कि पुनर्परीक्षा के एडमिट कार्ड केवल आधिकारिक NEET पोर्टल से ही डाउनलोड किए जा सकते हैं। छात्रों को वेबसाइट का पता स्वयं टाइप करने और किसी भी फॉरवर्ड किए गए लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर ऐसी नकली वेबसाइटें बनाते हैं जो छात्रों के लॉगिन विवरण और व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए तैयार की जाती हैं।

प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि परीक्षा का मौसम साइबर अपराधियों के लिए छात्रों और चिंतित अभिभावकों को निशाना बनाने का सबसे अनुकूल समय होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लीक प्रश्नपत्र, गारंटीड प्रवेश, विशेष उत्तर कुंजी और सुनिश्चित चयन जैसे दावे अक्सर ऑनलाइन धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं।

प्रो. सिंह ने छात्रों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अनचाहे प्रस्तावों के आधार पर भुगतान न करने और गोपनीय परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करने वाले व्यक्तियों पर भरोसा न करने की सलाह दी। उनके अनुसार सतर्कता और सत्यापन ही ऐसे साइबर जाल से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

महत्वपूर्ण रूप से NTA ने दोहराया है कि वह WhatsApp, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से कभी भी प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या कथित लीक सामग्री साझा नहीं करती। एजेंसी किसी भी परीक्षा-संबंधी सेवा के लिए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भुगतान भी नहीं मांगती।

संदिग्ध संदेशों या साइबर ठगी के प्रयासों का सामना करने वाले उम्मीदवारों को तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। NTA ने छात्रों से राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या आधिकारिक साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया है।

परीक्षा प्राधिकरणों का मानना है कि जागरूकता, सतर्कता और केवल सत्यापित आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा ही NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को गलत सूचना और साइबर ठगी से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

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