वैश्विक इमेजिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी कोडक ने साइबर सुरक्षा घटना की जांच की पुष्टि की है, जिसके तहत हैकर्स द्वारा कंपनी के कुछ आंतरिक डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाए जाने का आरोप है। कंपनी ने बताया कि उसने इस मामले की जांच के लिए बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को शामिल किया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
1880 में स्थापित ईस्टमैन कोडक कंपनी, जिसका मुख्यालय अमेरिका के रोचेस्टर, न्यूयॉर्क में है, कमर्शियल प्रिंटिंग, एडवांस्ड मटेरियल्स और केमिकल प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी के पास दुनिया भर में 79,000 से अधिक पेटेंट भी हैं, जो इसे तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण इकाई बनाते हैं।
कोडक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हाल ही में उसे अपने सिस्टम में अनधिकृत पहुंच का पता चला, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। कंपनी के अनुसार, केवल सीमित मात्रा में डेटा प्रभावित हुआ है और यह एक्सेस अस्थायी था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हमलावरों ने सिस्टम में प्रवेश कैसे किया।
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कंपनी ने कहा, “हमने तुरंत बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को जांच में शामिल किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सा डेटा एक्सेस और कॉपी किया गया है।” कोडक ने यह भी बताया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और फिलहाल उसके सिस्टम या संचालन पर किसी भी तरह के चल रहे खतरे की आशंका नहीं है।
हालांकि कंपनी ने किसी भी साइबर अपराधी समूह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन साइबर एक्सटॉर्शन ग्रुप “शाइनीहंटर्स” ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। समूह ने डार्क वेब लीक साइट पर दावा किया कि उसने संवेदनशील कॉर्पोरेट और ग्राहक डेटा तक पहुंच हासिल की है।
शाइनीहंटर्स के अनुसार, लगभग 2.2 मिलियन रिकॉर्ड्स चोरी किए गए हैं, जिनमें ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (PII) और आंतरिक कॉर्पोरेट डेटा शामिल है। समूह ने धमकी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे यह डेटा सार्वजनिक कर देंगे।
हालांकि कोडक ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि अभी तक केवल सीमित डेटा तक ही पहुंच की बात सामने आई है। कंपनी का कहना है कि जांच जारी है और वास्तविक स्थिति फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट होगी।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हमलों में अक्सर शुरुआत में सीमित एक्सेस मिलता है, जिसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो बड़ा डेटा एक्सफिल्ट्रेशन हो सकता है। इस प्रकार के मामलों में कंपनियां लॉग एनालिसिस, थ्रेट इंटेलिजेंस और डिजिटल फोरेंसिक की मदद से हमले की गहराई का पता लगाती हैं।
शाइनीहंटर्स को हाल के वर्षों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय डेटा ब्रीच मामलों से जोड़ा गया है, जिसमें क्लाउड प्लेटफॉर्म और थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन से जुड़े हमले शामिल रहे हैं। हालांकि इन मामलों में जिम्मेदारी तय करना अक्सर जटिल होता है क्योंकि साइबर हमलों में कई लेयर और तकनीकें शामिल होती हैं।
कोडक ने कहा है कि वह अपने ग्राहकों और हितधारकों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी। कंपनी यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह हमला क्लाउड सिस्टम, आंतरिक नेटवर्क या किसी थर्ड-पार्टी सर्विस के जरिए तो नहीं हुआ।
फिलहाल कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या प्रभावित ग्राहकों को सूचना दी जाएगी या किसी नियामक संस्था को रिपोर्टिंग की गई है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और विवरण सामने आने की उम्मीद है।
