ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा एक गंभीर साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें नवी मुंबई के 25 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक से कथित तौर पर ₹1.26 करोड़ की ठगी की गई। पीड़ित ने यह रकम अपनी पैतृक जमीन बेचकर और अपने माता-पिता के सोने के गहने गिरवी/बेचकर जुटाई थी।
शिकायतकर्ता को कथित रूप से ऐसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जिसमें Teen Patti, Casino और अन्य बेटिंग आधारित गेम्स के जरिए भारी रिटर्न का वादा किया गया था। जांच में सामने आया कि शुरुआत में पीड़ित को छोटे-छोटे अमाउंट निकालने की अनुमति दी गई, जिससे उसे प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया और वह धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करने लगा।
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अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2024 से अप्रैल 2026 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजैक्शनों के जरिए कुल ₹1.26 करोड़ कई बैंक खातों में ट्रांसफर किए, जो कथित रूप से इस फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े थे। हर ट्रांजैक्शन को इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह सामान्य और वैध दिखाई दे, जिससे शुरुआती चरण में धोखाधड़ी पकड़ में न आए।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गैम्बलिंग एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि साइबर जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क को ट्रेस कर रही हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह पूरा फ्रॉड एक लेयर्ड सिस्टम के जरिए चलाया गया, जिसमें कई बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट शामिल थे। इसका उद्देश्य पैसे के स्रोत और अंतिम उपयोग को छिपाना था। शुरुआत में छोटे-छोटे निकासी (withdrawals) देकर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था, जिसके बाद उन्हें बड़े निवेश के लिए मजबूर किया जाता था।
इस मामले ने ऑनलाइन गेमिंग और निवेश फ्रॉड को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है, जहां लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए टारगेट किया जाता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी वैधता की जांच करें और गारंटीड रिटर्न वाले ऑफर्स से बचें।
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित ने शुरुआत में छोटे निवेश किए और उसे कुछ बार पैसे निकालने की अनुमति भी मिली, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद उसने लगातार निवेश बढ़ाया और अंततः अपनी पूरी आर्थिक क्षमता से अधिक पैसा लगा दिया।
साइबर अपराध जांचकर्ताओं ने बताया कि ऐसे फ्रॉड में अपराधी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आकर्षक बोनस, रिवॉर्ड और तेज मुनाफे का लालच देते हैं। शुरुआती लाभ दिखाकर लोगों को फंसाया जाता है और बाद में बड़े निवेश के लिए दबाव बनाया जाता है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में फंड ट्रेल को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जा रहा है। कई बैंक खातों और वॉलेट ट्रांजैक्शनों का विश्लेषण कर पैसे के पूरे प्रवाह को समझने की कोशिश की जा रही है।
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत गेमिंग/इन्वेस्टमेंट ऐप पर भरोसा न करें। ऐसे प्लेटफॉर्म अक्सर शुरुआती भुगतान देकर विश्वास जीतते हैं और बाद में बड़े पैमाने पर ठगी करते हैं।
जांच अभी जारी है और फॉरेंसिक टीमें बैंक रिकॉर्ड और सर्वर डेटा की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों और खातों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि ऐसे फ्रॉड न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पीड़ितों पर मानसिक दबाव भी डालते हैं, जिससे वे गंभीर संकट में आ सकते हैं।
