IRCTC जैसी फर्जी वेबसाइट बनाकर केदारनाथ और वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाले साइबर गिरोह का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया।

IRCTC का बड़ा एक्शन: 14 अनधिकृत ई-कैटरिंग वेबसाइट्स पर शिकंजा, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त चेतावनी

Team The420
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भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने देशभर में अनधिकृत ई-कैटरिंग सेवाओं के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करते हुए 14 वेबसाइट्स को गैर-अनुपालक घोषित किया है। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा, खाद्य गुणवत्ता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसे को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

कंपनी के अनुसार इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और नियमों के उल्लंघन को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। IRCTC ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है, और अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स से गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।

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जांच में सामने आया है कि कई अवैध ई-कैटरिंग ऑपरेटर बिना स्वीकृत रसोई और बिना मानक स्वच्छता प्रक्रिया के भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। इन सेवाओं में न तो खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन होता है और न ही कर्मचारियों के मेडिकल परीक्षण और गुणवत्ता जांच जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं लागू होती हैं।

IRCTC ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट, फूड ऑन ट्रैक ऐप और अधिकृत पार्टनर प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही भोजन बुक करें। कंपनी ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर बुकिंग करने से डेटा चोरी, भुगतान धोखाधड़ी और साइबर सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई रेलवे के डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध ई-कैटरिंग गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

IRCTC ने बताया कि तकनीकी निगरानी उपकरणों के जरिए संदिग्ध वेबसाइटों और बुकिंग पैटर्न की लगातार जांच की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि वे केवल सुरक्षित प्लेटफॉर्म्स का ही चयन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि अनधिकृत ई-कैटरिंग सेवाएं न केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि डिजिटल भुगतान सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं। उद्योग जगत के अनुसार इस कदम से ई-कैटरिंग सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और केवल अनुपालक कंपनियां ही टिक पाएंगी।

IRCTC ने कहा है कि आगे और सख्त नियम और लाइसेंसिंग ढांचे पर भी विचार किया जा रहा है। इसके जरिए पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने तथा यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

IRCTC ने यह भी बताया कि यात्रियों की शिकायत प्रणाली को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि वास्तविक समय में शिकायत दर्ज की जा सके। इससे अनधिकृत विक्रेताओं की पहचान और कार्रवाई में तेजी आएगी।

रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन और सार्वजनिक सेवाओं में तकनीकी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर यह पहल यात्रियों की सुरक्षा, डिजिटल पारदर्शिता और आधुनिक रेलवे सेवा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

IRCTC ने दोहराया कि लगातार निगरानी जारी रहेगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या अनधिकृत ऐप पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स का उपयोग सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। इस पूरी कार्रवाई को रेलवे की डिजिटल सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में और भी तकनीकी सुधार और कड़े नियामकीय कदम देखने को मिल सकते हैं।

IRCTC ने कहा कि उसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में ई-कैटरिंग सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लगातार उन्नत किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान लंबे समय तक जारी रहेगा ताकि पूरा सिस्टम सुरक्षित और जवाबदेह बना रहे। IRCTC की इस कार्रवाई से रेलवे ई-कैटरिंग क्षेत्र में नियमों का पालन और अधिक सख्ती से लागू होने की उम्मीद है।

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