भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामकीय अनुपालन और वैधानिक कारणों के आधार पर 135 NBFC के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं।

RBI का बड़ा प्रहार: 135 NBFC के लाइसेंस रद्द, दर्जनों वित्तीय कंपनियों पर नियामकीय कार्रवाई

Team The420
5 Min Read

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के नियमन को और सख्त करते हुए 135 कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (Certificate of Registration) रद्द कर दिए हैं। केंद्रीय बैंक की ओर से बुधवार को जारी जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई नियामकीय मानकों के अनुपालन, संचालन संबंधी आवश्यकताओं और अन्य वैधानिक कारणों के आधार पर की गई है। इसके अलावा 13 अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने स्वेच्छा से अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र RBI को वापस कर दिए हैं।

RBI की इस कार्रवाई को देश के वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और नियामकीय अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान देश में ऋण वितरण, निवेश और अन्य वित्तीय सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनके संचालन पर केंद्रीय बैंक की कड़ी निगरानी रहती है।

FCRF Launches Chief AI Officer Certification to Build India’s AI Governance Leaders

जिन कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए गए हैं उनमें Express Fincap House, Akshay Fiscal Services, Times Finance (P), Jupiter Projects (P), Jupiter Finvest, Essel Finance Business Loans और Citiwide Financial Services जैसी कंपनियां शामिल हैं। RBI द्वारा जारी सूची के अनुसार लाइसेंस रद्द होने वाली अधिकांश कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल में स्थित थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि निवेशकों और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना भी है। यदि कोई NBFC नियामकीय शर्तों का पालन नहीं करती या निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो RBI को उसका पंजीकरण रद्द करने का अधिकार प्राप्त है।

अलग से जारी विवरण में RBI ने बताया कि 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने स्वयं अपने लाइसेंस वापस कर दिए हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने NBFC कारोबार से बाहर निकलने का निर्णय लिया, जबकि कुछ अन्य कंपनियां विलय, अधिग्रहण, विघटन या स्वैच्छिक स्ट्राइक-ऑफ जैसी प्रक्रियाओं के कारण कानूनी इकाई के रूप में अस्तित्व में नहीं रहीं।

NBFC व्यवसाय से बाहर निकलने के कारण लाइसेंस लौटाने वाली कंपनियों में J. Thomas Finance, Econ-Super Sales, Hitesha Finance and Investment, Tinnevelly Tuticorin Investments, Carnex Vinimay तथा Impact Leasing शामिल हैं। RBI के अनुसार इन कंपनियों ने गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (NBFI) के रूप में अपना कारोबार बंद कर दिया है और इसलिए उन्होंने पंजीकरण प्रमाणपत्र वापस कर दिए।

इसके अतिरिक्त Forerunner Capital Investments ने भी अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया। केंद्रीय बैंक के अनुसार यह कंपनी अब ऐसे अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (Core Investment Company-CIC) के मानदंडों को पूरा करती है, जिसे RBI के साथ अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होती।

वहीं Caspian Impact Investments, Hari Darshan Sales, Ivory Consultants, SKA Consultancy Services, Trishita Management और Suban Trades जैसी कंपनियों ने भी अपने लाइसेंस लौटाए हैं। RBI ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में संबंधित कंपनियां विलय, समामेलन, विघटन या स्वैच्छिक रूप से रजिस्टर से नाम हटाए जाने जैसी प्रक्रियाओं के चलते कानूनी इकाई के रूप में अस्तित्व में नहीं रहीं।

वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि RBI समय-समय पर NBFC क्षेत्र की समीक्षा करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वही संस्थाएं बाजार में सक्रिय रहें जो नियामकीय आवश्यकताओं का पालन कर रही हैं। हाल के वर्षों में केंद्रीय बैंक ने जोखिम प्रबंधन, पूंजी पर्याप्तता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और ग्राहक संरक्षण से जुड़े नियमों को और मजबूत किया है।

हालांकि RBI की इस कार्रवाई का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रभावित कंपनियों ने किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की है। कई मामलों में कंपनियों द्वारा स्वेच्छा से कारोबार बंद करना, संरचनात्मक पुनर्गठन करना या किसी अन्य संस्था में विलय होना भी लाइसेंस सरेंडर करने का कारण बनता है। फिर भी इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण रद्द होने की घटना NBFC क्षेत्र में अनुपालन की अहमियत को रेखांकित करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों और ग्राहकों को किसी भी वित्तीय संस्था के साथ लेनदेन करने से पहले उसके नियामकीय दर्जे और वैध पंजीकरण की जांच अवश्य करनी चाहिए। RBI की ताजा कार्रवाई इस बात का संकेत है कि केंद्रीय बैंक वित्तीय क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

हमसे जुड़ें

Share This Article