ग्लोबल के-पॉप समूह BTS के बहुप्रतीक्षित वर्ल्ड टूर टिकटों के नाम पर साइबर ठगों ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़ा खड़ा कर दिया है। यह पूरा नेटवर्क असली टिकटिंग वेबसाइट्स की हूबहू नकल कर तैयार किया गया है, जिसका मकसद केवल एक ही है—फैंस से ऑनलाइन पैसे ठगना और उन्हें बिना टिकट दिए गायब हो जाना।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल 2026 की शुरुआत में कम से कम दस फर्जी डोमेन सामने आए हैं, जिन्हें खास तौर पर BTS के प्री-सेल और वर्ल्ड टूर बुकिंग पेज की तरह डिजाइन किया गया था। इन वेबसाइट्स को इस तरह तैयार किया गया है कि सामान्य यूजर आसानी से पहचान ही नहीं पाता कि वह असली प्लेटफॉर्म पर है या नकली पर।
एक विस्तृत रिपोर्ट में साइबर सुरक्षा कंपनी Kaspersky ने बताया कि ये फर्जी वेबसाइट्स न सिर्फ डिजाइन बल्कि पूरा बुकिंग फ्लो भी कॉपी करती हैं। इसमें सीट चयन, पेमेंट पेज और कन्फर्मेशन तक सब कुछ इतना वास्तविक दिखता है कि यूजर भरोसा कर लेता है।
यह स्कैम अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, फ्रांस, मैक्सिको, पेरू, पुर्तगाल और स्पेन समेत नौ देशों तक फैल चुका है। इस वजह से इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी और सबसे संगठित टिकट फ्रॉड गतिविधियों में से एक माना जा रहा है।
ठग मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां फैन पेज और ग्रुप्स में टिकट लिंक तेजी से वायरल हो जाते हैं। साइबर अपराधी इन्हीं भरोसेमंद दिखने वाले नेटवर्क्स का फायदा उठाकर फर्जी लिंक फैलाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा खेल “फियर ऑफ मिसिंग आउट” यानी टिकट छूट जाने के डर पर आधारित है। जैसे ही यूजर को लगता है कि टिकट खत्म हो रहे हैं, वह बिना जांच किए तुरंत पेमेंट कर देता है, और यही साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी जीत होती है।
ब्राजील जैसे देशों में स्थिति और भी गंभीर पाई गई है, जहां यूजर्स को PIX जैसे इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम पर भेजा जाता है। इसमें पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है और उसे वापस पाना लगभग असंभव होता है, जिससे पीड़ितों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
स्कैमर्स चेकआउट पेज पर नकली एरर मैसेज, “हाई डिमांड” अलर्ट और टाइम लिमिट जैसी चालें इस्तेमाल करते हैं, जिससे यूजर दबाव में आकर जल्दबाजी में भुगतान कर देता है।
कई मामलों में फर्जी टिकट लिंक डायरेक्ट मैसेज और इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए शेयर किए जा रहे हैं, जो असली फैन कम्युनिटी पोस्ट जैसे दिखते हैं। यही वजह है कि लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।
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साइबर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी टिकट की खरीद केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सीधे URL टाइप करके ही करनी चाहिए। साथ ही डोमेन नाम की बारीकी से जांच, स्पेलिंग वेरिएशन और संदिग्ध एक्सटेंशन से बचना जरूरी बताया गया है।
इसके अलावा ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट, सुरक्षित पेमेंट गेटवे और अधिकृत विक्रेताओं की पुष्टि करना भी अनिवार्य बताया गया है, खासकर हाई डिमांड ग्लोबल इवेंट्स के दौरान।
BTS की हालिया वर्ल्ड टूर घोषणा के बाद दुनिया भर में टिकटों की मांग अचानक बढ़ गई, जिसका फायदा साइबर ठगों ने तुरंत उठा लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े म्यूजिक इवेंट्स में फैंस भावनात्मक रूप से जल्दी निर्णय लेते हैं, और साइबर अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं।
जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि ये गिरोह लगातार अपने डोमेन, सर्वर और डिजाइन बदलते रहते हैं, जिससे इन्हें ट्रैक करना और बंद करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डिजिटल सतर्कता ही इस तरह के फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। यूजर्स को बैंक अलर्ट ऑन रखने, संदिग्ध लिंक से बचने और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही टिकट खरीदने की सलाह दी गई है।
जैसे-जैसे ग्लोबल म्यूजिक टूर और डिजिटल टिकटिंग का चलन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऐसे साइबर फ्रॉड भी तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ठग और अधिक उन्नत तकनीकों और असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी तरह की जल्दबाजी या अनचाहे ऑफर पर भरोसा न करें, और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही टिकट खरीदें, ताकि ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्कैम से सुरक्षित रहा जा सके।
