नासिक में कथित रूप से ‘भोंदू बाबा’ के नाम से पहचाने जाने वाले अशोक खरात पर एक बड़े संगठित ठगी रैकेट को चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की कार्यप्रणाली काफी हद तक स्पेशल 26 फिल्म से मिलती-जुलती बताई जा रही है, जिसमें फर्जी अधिकारियों के जरिए छापेमारी कर अमीर लोगों को निशाना बनाया जाता था।
फर्जी आयकर रेड के जरिए करोड़ों की उगाही
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी अमीर कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता था। वह पहले उनकी कथित काली कमाई से जुड़ी जानकारी जुटाता और फिर उसी आधार पर फर्जी आयकर अधिकारियों की टीम उनके यहां भेजता था। ये लोग छापेमारी का माहौल बनाकर डर पैदा करते और मामले को “सेटल” करने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
बताया जा रहा है कि इस तरीके से करोड़ों रुपये की उगाही की गई। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें कई लोग शामिल थे।
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19 महिलाओं की शिकायत, मानसिक शोषण के आरोप
इस मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। अब तक कुल 19 महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें पूजा-पाठ, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और मानसिक शांति के नाम पर बुलाया जाता था। इसके बाद उन पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण किया जाता था।
कई महिलाओं ने यह भी कहा कि डर और अंधविश्वास का माहौल बनाकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस के मुताबिक, अब तक इस केस में 12 अलग-अलग मामले दर्ज किए जा चुके हैं और हर नई शिकायत के साथ केस और जटिल होता जा रहा है।
ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से देख रही है।
जांच में यह सामने आया है कि शिरडी और नासिक की कई क्रेडिट सोसायटियों में फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। इन खातों में आरोपी का मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया गया था, जिससे नेटवर्क के संगठित होने के संकेत मिलते हैं।
साथ ही, जांच एजेंसियां आरोपी की चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में कुछ अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
