राजगढ़ PHC में बिना डिलीवरी सैकड़ों फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का खुलासा

MP में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रैकेट, 6 आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला रामगढ़ गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ से जुड़ा है, जहां बिना किसी वास्तविक डिलीवरी के बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।

बिना डिलीवरी 137 जन्म पंजीकरण

जांच में खुलासा हुआ कि फरवरी 2026 में इस छोटे से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 137 बच्चों के जन्म का पंजीकरण किया गया, जबकि वास्तविकता में यहां एक भी डिलीवरी नहीं हुई थी। इस असामान्य आंकड़े ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को जानकारी मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को हटा दिया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।

पुराने वर्षों और अन्य राज्यों के नाम पर भी फर्जीवाड़ा

मामले की जांच आगे बढ़ने पर और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपियों ने केवल हालिया रिकॉर्ड में ही नहीं, बल्कि वर्ष 1950 से 1980 के बीच के भी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए। उस समय न तो गांव में कोई स्वास्थ्य केंद्र था और न ही वहां प्रसव की सुविधा उपलब्ध थी। इसके अलावा राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम पर भी प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक व्यापक और सुनियोजित नेटवर्क था।

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500–1000 रुपये में बनते थे फर्जी प्रमाण पत्र

पुलिस जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित रैकेट सक्रिय था। लोकसेवा केंद्र, आधार सेंटर और एमपी ऑनलाइन संचालकों के माध्यम से लोगों को जोड़ा जाता था। प्रति प्रमाण पत्र 500 से 1000 रुपये तक लेकर बिना वैध दस्तावेज के सीआरएस पोर्टल पर एंट्री कर प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने लगभग 250 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर करीब 35 हजार रुपये कमाने की बात स्वीकार की है। मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 6 अप्रैल को माचलपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और स्वास्थ्य केंद्र का कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज बनवाना या बनाना गंभीर अपराध है और केवल वैध प्रक्रिया का ही पालन करें।

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