दिल्ली में एटीएम स्लॉट में गोंद डालकर ठगी करने वाले गैंग का मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में

ATM में फंसाया कार्ड, खाली कर दिए खाते: दिल्ली में मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एटीएम धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके मास्टरमाइंड रवि कुमार भारती को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार के गया जिले का निवासी है और लंबे समय से राजधानी के विभिन्न इलाकों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 50 से अधिक लोगों को निशाना बनाया और उनके बैंक खातों से बड़ी रकम निकाली।

जांच में सामने आया कि आरोपी पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में गोंद लगा देते थे, जिससे ग्राहक का कार्ड अंदर ही फंस जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य वहां मौजूद रहकर पीड़ित को मदद का भरोसा दिलाते थे और खुद को बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते थे।

चालाकी से पिन हासिल कर उड़ाए पैसे

गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था। आरोपी पीड़ितों को बार-बार एटीएम पिन डालने के लिए कहते थे और इस दौरान उनका पिन नोट कर लेते थे। कई मामलों में एटीएम कियोस्क पर नकली कस्टमर केयर नंबर भी चिपका दिया जाता था, जिससे पीड़ित सीधे आरोपियों के संपर्क में आ जाते थे।

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इसके अलावा, कुछ मामलों में पीड़ितों को दूसरा कार्ड थमा दिया जाता था, जबकि उनका असली कार्ड आरोपी अपने पास रख लेते थे। जब पीड़ित बिना पैसे निकाले लौट जाते थे, तब आरोपी फंसे हुए कार्ड को निकालकर खाते से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह खासतौर पर कम जागरूक या कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था।

शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पश्चिम विहार निवासी अवतार सिंह ने ₹35,000 की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान पहले दो आरोपियों—रोशन कुमार और पिंटू कुमार—को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी रवि कुमार भारती को छतरपुर के राजपुर खुर्द इलाके से पकड़ा गया।

एसीपी रमेश चंद्र लांबा और इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है।

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