पुणे में fake trading app, WhatsApp निवेश ग्रुप और clone banking website के जरिए तीन अलग-अलग मामलों में ₹28 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी सामने आई।

ऑनलाइन जॉब स्कैम बना सबसे बड़ा खतरा: एक हफ्ते में हजारों केस, करोड़ों की ठगी का खुलासा

Roopa
By Roopa
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बैंकॉक: Thailand में ऑनलाइन ठगी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब “ऑनलाइन जॉब स्कैम” सबसे बड़ा आर्थिक खतरा बनकर उभरा है। देश के एंटी साइबर स्कैम सेंटर (ACSC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 29 मार्च से 4 अप्रैल 2026 के बीच इस तरह के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह सप्ताह का सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला फ्रॉड बन गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में कुल 7,366 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 176 अधिक हैं। हालांकि, कुल आर्थिक नुकसान घटकर करीब 407 मिलियन बात (लगभग ₹9 करोड़ से अधिक) रहा, जो पहले से करीब 94 मिलियन बात कम है। अधिकारियों का कहना है कि यह कमी समय रहते बैंकिंग हस्तक्षेप और फंड फ्रीज करने की तेज कार्रवाई के कारण संभव हुई।

ऑनलाइन जॉब स्कैम का नया जाल

ACSC ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन जॉब स्कैम अब नए और अधिक संगठित तरीके से चलाए जा रहे हैं। इस फ्रॉड में पहले लोगों को आकर्षक नौकरी या आसान ऑनलाइन कमाई का लालच दिया जाता है। शुरुआत में स्कैमर्स छोटे-छोटे टास्क जैसे पोस्ट लाइक करना, शेयर करना या रिव्यू देना देते हैं और बदले में मामूली रकम देकर भरोसा जीतते हैं।

इसके बाद पीड़ितों को बड़े निवेश या एडवांस पेमेंट के लिए उकसाया जाता है। जैसे ही व्यक्ति ज्यादा पैसा जमा करता है, उसे पैसे निकालने में बाधा दी जाती है और अंततः पूरा संपर्क खत्म कर दिया जाता है।

फ्री प्रोडक्ट और टास्क स्कैम का भी बढ़ा खतरा

एक अन्य पैटर्न में ठग लोगों को सस्ते या मुफ्त प्रोडक्ट देने का लालच देते हैं। इसके लिए उन्हें मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ग्रुप्स में जोड़ा जाता है, जहां “टास्क” पूरे करने के नाम पर बार-बार पैसे मांगे जाते हैं। आखिर में पीड़ित को कोई प्रोडक्ट नहीं मिलता और उसका पैसा भी डूब जाता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के “टास्क बेस्ड ऑफर” साइबर ठगी का स्पष्ट संकेत हैं और लोगों को तुरंत ऐसे संपर्क से बाहर निकल जाना चाहिए।

महिलाएं बनीं मुख्य टारगेट ग्रुप

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 21 से 30 वर्ष की महिलाएं इस तरह के फ्रॉड की सबसे बड़ी शिकार बन रही हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें आसानी से टारगेट किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी और अतिरिक्त आय के अवसरों की तलाश में रहने वाले युवा वर्ग को स्कैमर्स मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित कर रहे हैं, जिससे वे जल्दी भरोसा कर लेते हैं।

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कार्रवाई तेज, कई आरोपी गिरफ्तार

इस अवधि में ACSC ने बैंकों और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 14 थाई नागरिक और 2 विदेशी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान 1.7 मिलियन बात से अधिक नकद जब्त किया गया।

इसके अलावा, समय रहते हस्तक्षेप कर 47 से अधिक पीड़ितों को बचाया गया और लगभग 6.2 मिलियन बात की रकम ट्रांसफर होने से रोकी गई।

बुजुर्ग महिला से 2 मिलियन बात की ठगी

एक प्रमुख मामले में, एक विदेशी आरोपी ने 79 वर्षीय महिला को यह कहकर ठग लिया कि उसका बैंक खाता अवैध गतिविधियों से जुड़ा है। इस बहाने आरोपी ने उससे करीब 2 मिलियन बात ठग लिए और तीसरी बार ठगी की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया गया।

वहीं, Chiang Mai में पुलिस ने एक कैश म्यूल गैंग का भंडाफोड़ किया, जहां आरोपी टेलीग्राम के जरिए निर्देश लेकर पैसे निकालते थे।

सिस्टम में सुधार, लेकिन खतरा बरकरार

अधिकारियों का कहना है कि भले ही फंड रिकवरी और फ्रीजिंग में सुधार हुआ है, लेकिन स्कैमर्स लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच ने ठगी के नए रास्ते खोल दिए हैं।

लोगों के लिए चेतावनी और सलाह

ACSC ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें, जहां भुगतान एस्क्रो सिस्टम के तहत सुरक्षित रहता है। साथ ही, किसी भी अनजान ग्रुप या “जल्दी पैसा कमाने” के ऑफर से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल जागरूकता, मजबूत साइबर मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई ही इस बढ़ते खतरे से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।

थाईलैंड में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन जॉब स्कैम यह संकेत देते हैं कि साइबर अपराध अब अधिक संगठित और मनोवैज्ञानिक रूप से परिष्कृत हो चुके हैं, जिनसे निपटने के लिए सतर्कता और तकनीकी तैयारी दोनों बेहद जरूरी हैं।

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