कुआलालंपुर/लंदन: दुनिया के सबसे चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल 1MDB scandal मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। Malaysian Anti-Corruption Commission (MACC) ने अंतरराष्ट्रीय लॉ फर्म White & Case के यूनाइटेड किंगडम स्थित दफ्तरों की जांच शुरू कर दी है। यह जांच उस संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) से जुड़े दस्तावेजों पर केंद्रित है, जिनमें कथित तौर पर ‘गलत या भ्रामक जानकारी’ शामिल होने की आशंका जताई गई है।
यह मामला 2009 में हुए एक बहुचर्चित सौदे से जुड़ा है, जिसमें मलेशिया के सरकारी फंड 1MDB और ऊर्जा कंपनी PetroSaudi के बीच लगभग $1.8 अरब का समझौता हुआ था। इस सौदे को कथित तौर पर वित्तीय कारोबारी Jho Low ने पर्दे के पीछे से संचालित किया था, जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित है।
डील डॉक्यूमेंट्स और भुगतान पर उठे सवाल
जांच एजेंसी के अनुसार, उस समय तैयार किए गए दस्तावेजों में फंड ट्रांसफर से जुड़ी अहम जानकारी भ्रामक हो सकती है। आरोप है कि $700 मिलियन की राशि एक ऐसे बैंक खाते में भेजी गई, जिसे PetroSaudi का बताया गया था, जबकि वास्तविकता में वह खाता एक अन्य कंपनी ‘Good Star’ के नाम पर था, जिसे Jho Low नियंत्रित करता था।
Malaysian Anti-Corruption Commission के प्रमुख ने संकेत दिया है कि जांच में उन भुगतान लेनदेन को भी शामिल किया गया है, जो कथित तौर पर 1MDB फंड के दुरुपयोग से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच रही है कि लॉ फर्म को किए गए भुगतान का स्रोत क्या था और क्या उसमें गड़बड़ी के संकेत मौजूद थे।
पहले से चल रही कानूनी चुनौतियां
White & Case पहले से ही मलेशिया की अदालतों में $1.8 अरब के दावे का सामना कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फर्म को इस संयुक्त उद्यम के ‘शाम’ (sham) होने की जानकारी थी। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है और कहा है कि उसने हमेशा उच्च पेशेवर और नैतिक मानकों का पालन किया।
इसी बीच, यूनाइटेड किंगडम में भी इस फर्म की भूमिका को लेकर नियामक स्तर पर जांच चल रही है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
वैश्विक स्तर पर फैला घोटाला
1MDB scandal को अब तक के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जाता है। इस मामले में मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री Najib Razak को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में सजा सुनाई जा चुकी है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक Goldman Sachs ने भी निवेशकों को गुमराह करने के आरोपों के बाद अरबों डॉलर का समझौता किया था।
इस घोटाले के तहत फंड का इस्तेमाल लग्जरी प्रॉपर्टी, निजी जेट, और फिल्म निर्माण जैसे निजी खर्चों के लिए किया गया। हॉलीवुड फिल्म The Wolf of Wall Street के फाइनेंसिंग में भी इन फंड्स के इस्तेमाल के आरोप सामने आए थे।
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Jho Low अब भी फरार
इस पूरे मामले का केंद्रीय चेहरा Jho Low अब भी फरार है। 2018 में मलेशियाई अधिकारियों ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन वह अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। उसने लगातार अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
अंतरराष्ट्रीय जांच और सजा का सिलसिला
इस घोटाले से जुड़े अन्य मामलों में भी कार्रवाई जारी है। 2024 में स्विट्जरलैंड की एक अदालत ने Tarek Obaid और Patrick Mahony को इस कथित फर्जी जॉइंट वेंचर में भूमिका के लिए दोषी ठहराया था, हालांकि दोनों ने फैसले के खिलाफ अपील की है।
UK की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में यूनाइटेड किंगडम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई विशेषज्ञों और खोजी पत्रकारों का मानना है कि ब्रिटिश वित्तीय संस्थानों और लॉ फर्म्स की भूमिका की पर्याप्त जांच नहीं हुई। अब Malaysian Anti-Corruption Commission की ताजा कार्रवाई से उम्मीद है कि इस पहलू पर भी गहराई से जांच होगी।
निष्कर्ष
1MDB scandal से जुड़े इस नए घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी कितनी गंभीर परिणाम ला सकती है। White & Case पर चल रही जांच न केवल इस केस को नया आयाम देती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी और वित्तीय संस्थानों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है।
