एरोड्रम थाना क्षेत्र में साइबर धोखाधड़ी का मामला; ठगों ने गिफ्ट और कस्टम चार्ज के बहाने रकम ऐंठी

इंदौर में विदेशी महिला के जाल में फंसा बुजुर्ग, फेसबुक फ्रेंडशिप पर उड़ाए 10.43 लाख रुपये

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By Roopa
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इंदौर: इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में 67 वर्षीय रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अशोक कुमार गुप्ता साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए। जानकारी के अनुसार, ठगों ने फेसबुक पर “डॉ. लिसा डेविस” नाम से खुद को विदेशी महिला के रूप में पेश कर उनकी मित्रता हासिल की और गिफ्ट भेजने के बहाने कुल 10 लाख 43 हजार रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ऐंठ लिए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना तब सामने आई जब पीड़ित ने शिकायत दर्ज करवाई। बातचीत के दौरान आरोपियों ने खुद को भरोसेमंद दिखाते हुए लगातार विश्वास अर्जित किया। कुछ समय बाद कथित महिला ने विदेश से महंगे गिफ्ट भेजने की बात कही, और इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट से खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाले लोगों के कॉल आने लगे।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने गिफ्ट पार्सल क्लीयरेंस, कस्टम चार्ज और करेंसी कन्वर्जन के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में रकम ली। चालाकी से 8 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 10 लाख 43 हजार रुपये आरोपी के खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पैसे ट्रांसफर हो गए और सोशल मीडिया पर भी संपर्क टूट गया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि ठगों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके पीड़ित के भरोसे को भुनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले आम तौर पर सोशल इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित होते हैं, जिसमें ठग पहचान छुपाकर मानसिक भरोसा बनाते हैं और तुरंत पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं।

एरोड्रम थाना पुलिस ने साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी अब उन खातों और डिजिटल लेन-देन का पता लगा रहे हैं, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगों का नेटवर्क केवल स्थानीय है या अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में भी शामिल है।

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साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अक्सर ये ठग किसी विदेशी या प्रतिष्ठित व्यक्ति का बहाना बनाकर भरोसा अर्जित करते हैं और फिर विभिन्न प्रलोभन और दबाव डालकर पैसे ठग लेते हैं।

पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें, किसी भी लालच या दबाव में आकर पैसे न भेजें, और विदेश से गिफ्ट या पार्सल भेजने के बहाने पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या डिजिटल लिंक की तुरंत रिपोर्ट करें।

इस पूरे मामले में एरोड्रम थाना अब आरोपी की पहचान और उनके सहयोगियों को पकड़ने के लिए सक्रिय है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगों द्वारा अर्जित धन का इस्तेमाल कहां हुआ और कितने लोग इस धोखाधड़ी नेटवर्क में शामिल हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और बड़े पैमाने पर मास्टरमाइंड इस तरह की धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया पर दोस्ती और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन में अत्यधिक सतर्कता जरूरी है। साथ ही पुलिस ने कहा कि सभी नागरिक अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को गंभीरता से लें और किसी भी असामान्य या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें।

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