अमिताभ कांत रिपोर्ट लागू होने के बाद भी 25% जमा नहीं; प्राधिकरण ने कहा—अब जब्ती और नीलामी से होगी वसूली

नोएडा में 8 बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई: बकाया न चुकाने पर अनसोल्ड प्रॉपर्टी की होगी नीलामी

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By Roopa
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नोएडा: शहर में लंबित बिल्डर परियोजनाओं और बकाया वसूली को लेकर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए 8 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन बिल्डरों ने निर्धारित शर्तों के तहत बकाया राशि का 25 प्रतिशत भी जमा नहीं किया है, जिसके बाद अब उनकी अनसोल्ड इनवेंट्री और संपत्तियों को जब्त कर नीलामी के जरिए बकाया वसूला जाएगा।

57 परियोजनाओं पर ₹28 हजार करोड़ बकाया, आंशिक राहत के बावजूद कई बिल्डर पीछे

नोएडा में कुल 57 बिल्डर परियोजनाओं पर करीब ₹28 हजार करोड़ का बकाया लंबित था। इस राशि की वसूली और फंसे हुए खरीदारों को राहत देने के लिए शासन ने अमिताभ कांत रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया था। इस योजना के तहत बिल्डरों को पहले चरण में कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा करना था, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो सके।

प्राधिकरण के अनुसार, 22 बिल्डरों ने इस योजना के तहत बकाया राशि का 25 प्रतिशत जमा कर दिया है। वहीं 14 बिल्डरों ने सहमति तो दी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा 15 बिल्डरों ने आंशिक भुगतान किया है। सबसे चिंताजनक स्थिति उन 8 बिल्डरों की है जिन्होंने न तो सहमति दी और न ही भुगतान की दिशा में कोई कदम उठाया।

इन 8 बिल्डरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उनकी परियोजनाओं से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इनकी अनसोल्ड यूनिट्स और अन्य संपत्तियों को सीज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

करीब ₹2000 करोड़ बकाया, 25% जमा न करने से अटकी हजारों रजिस्ट्री

इन 8 बिल्डरों पर करीब ₹2000 करोड़ का बकाया बताया गया है। पहले चरण में इन्हें कुल बकाया का 25 प्रतिशत यानी ₹251.40 करोड़ जमा करना था। यदि यह राशि जमा होती, तो लगभग 533 खरीदारों की रजिस्ट्री संभव हो पाती।

प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, अगर ये बिल्डर पूरा ₹1171.94 करोड़ जमा करते, तो करीब 2123 खरीदारों को रजिस्ट्री का लाभ मिल सकता था। भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में खरीदारों की रजिस्ट्री अभी भी अटकी हुई है, जिससे परियोजनाओं में अनिश्चितता बनी हुई है।

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आंकड़ों के अनुसार, इन 8 बिल्डरों की परियोजनाओं में कुल 10,328 यूनिट स्वीकृत हैं, जिनमें से 9,348 यूनिट का निर्माण पूरा हो चुका है। 4,850 यूनिट को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिल चुका है, जबकि 3,839 यूनिट की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। इसके बावजूद शेष यूनिट्स और प्रक्रियाएं लंबित हैं।

अनसोल्ड यूनिट्स की जब्ती के बाद होगी नीलामी, प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी

प्राधिकरण ने इन परियोजनाओं के स्थलों पर पहले ही चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं और अब अगला कदम संपत्तियों की जब्ती का होगा। इसके बाद अनसोल्ड यूनिट्स और अन्य संपत्तियों की नीलामी कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।

कार्रवाई की जद में आने वाले प्रमुख बिल्डरों में एमपीजी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, मनीषा कीबी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, आईवीआर प्राइम, आरजी रेजीडेंसी, गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड और फ्यूटेक शेल्टर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन पर बकाया राशि अलग-अलग स्तर पर दर्ज है, जो रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर तय की गई है।

प्राधिकरण का कहना है कि यह कदम न केवल बकाया वसूली के लिए जरूरी है, बल्कि उन हजारों खरीदारों को राहत देने के लिए भी अहम है, जिनकी रजिस्ट्री लंबे समय से अटकी हुई है। आने वाले दिनों में इन परियोजनाओं पर कार्रवाई और तेज होने की संभावना है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में प्रगति हो सके।

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